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एल्विश यादव की बढ़ सकती है मुसीबत, बरामद किए गए सांपों की विष ग्रंथी और दांत मिले गायब

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 8, 2023, 06:01 PM IST

Elvish yadav Snake Venom case: पशु चिकित्सा विभाग की एक जांच में दावा किया गया है कि हिरासत में लिए गए पांच लोगों के पास से नौ कोबरा सांपों को बरामद किया गया था। इन नौ सांपों में आठ सांपों के दांत और विष ग्रंथियां गायब थीं।

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एल्विश यादव की बढ़ सकती है मुसीबत

Photo : Twitter

Elvish yadav Snake Venom case: रेव पार्टी और सांपों के जहर के इस्तेमाल मामले में एल्विश यादव घिरते नजर आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस के हाथ पुख्ता सबूत भी लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, पशु चिकित्सा विभाग की एक जांच में दावा किया गया है कि यूट्यूबर एल्विश यादव के कथित सहयोगियों के पास से बरामद किए गए सांपों की विष ग्रंथियां और दांत गायब थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हिरासत में लिए गए पांच लोगों के पास से नौ कोबरा सांपों को बरामद किया गया था। इन नौ सांपों में आठ सांपों के दांत और विष ग्रंथियां गायब थीं। फिलहाल कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सांपों को सूरजपुर वेटलैंड में छोड़ दिया गया है। हालांकि, जल्द ही वन विभाग की रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी जाएगी।

रेव पार्टी के भी मिले सबूत

इसके अलावा पुलिस को नोएडा, दिल्ली और राजस्थान में हुईं कुछ रेव पार्टियों के भी सबूत मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि हो सकता है कि सांपों के जहर का प्रयोग इन रेव पार्टियों में ड्रग के तौर पर किया गया हो, ऐसे में नोएडा पुलिस ने इस एंगल से भी अपनी जांच शुरू कर दी है।

एल्विश यादव से देर रात हुई पूछताछ

इस मामले में नोएडा पुलिस ने मंगलवार देर रात एल्विश यादव से पूछताछ की थी। जानकारी के मुताबिक, अहम सुराग मिलने के बाद पुलसि ने एल्विश यादव को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। मंगलवार देर रात एल्विश पुलिस के सामने पेश हुई, जहां थाने में उसने डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने पूछताछ की। इसके बाद एल्विश यादव को बुधवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। बता दें, पुलिस ने 3 नवंबर को सेक्टर 51 के एक बैंक्वेट हॉल से पांच लोगों को पांच कोबरा सहित नौ सांपों और 20 मिलीलीटर संदिग्ध सांप के जहर के साथ गिरफ्तार किया गया था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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