Election Commission Action: हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध नकदी और अन्य सामग्री जब्त की है। आयोग (chunav aayog) के अनुसार यह कार्रवाई चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में की गई। इस बार जब्ती के आंकड़ों में साल 2021 के मुकाबले 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा कार्रवाई देखने को मिली। यहां जब्ती के मामलों में करीब 69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
तमिलनाडुपिछले चुनावों की तुलना में लगभग 48 प्रतिशत अधिक अवैध सामग्री
वहीं तमिलनाडु में भी पिछले चुनावों की तुलना में लगभग 48 प्रतिशत अधिक अवैध सामग्री पकड़ी गई है। आयोग का कहना है कि चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार निगरानी रखी गई। डाटा के अनुसार पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में करीब 155 करोड़ रुपये की अवैध नकदी बरामद की गई। इसके अलावा लगभग 183 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की शराब भी जब्त की गई। यह शराब करीब 70 लाख लीटर बताई जा रही है। चुनाव आयोग ने नकदी और शराब के साथ-साथ कई अन्य सामान भी बरामद किए हैं।
376 पर्यवेक्षक, 7,470 उड़न दस्ते और 7,470 निगरानी टीमों ने लगातार किया काम
अधिकारियों के मुताबिक चुनावों के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कई तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं। इनमें नकदी, शराब, मादक पदार्थ, सोना-चांदी जैसी कीमती धातुएं और घरेलू सामान शामिल होते हैं। कई जगहों पर साड़ियां, कपड़े, बर्तन, प्रेशर कुकर और टीवी जैसे सामान बांटने की कोशिश भी सामने आई। चुनाव आयोग ने कहा कि स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और टीमों को तैनात किया गया था।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान 376 पर्यवेक्षक, 7,470 उड़न दस्ते और 7,470 निगरानी टीमों ने लगातार काम किया। इन टीमों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी और जांच अभियान चलाए। आयोग का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य हिंसा-मुक्त, डर-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव कराना है। इसी वजह से इस बार निगरानी को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया, जिसके चलते इतनी बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री पकड़ी जा सकी।
