चुनाव आयोग ने आज पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य के जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की। आयोग ने स्पष्ट कहा कि चुनाव पूरी तरह हिंसा मुक्त, डर से मुक्त और प्रलोभन से मुक्त माहौल में कराए जाएंगे ताकि हर मतदाता बिना दबाव के वोट डाल सके।
ऑनलाइन हुई रिव्यू मीटिंग में चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य की प्रशासनिक और कानून व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों का विस्तृत आकलन किया।
ऑनलाइन समीक्षा और प्रशिक्षण सत्र हुआ आयोजित
बैठक में पश्चिम बंगाल के सभी जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा और प्रशिक्षण सत्र किया गया। इस दौरान चुनाव से जुड़ी हर तैयारी पर चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने पहले ही दिए थे सख्त निर्देश
चुनाव आयोग के मुताबिक 9 मार्च को पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा था कि राज्य में चुनाव किसी भी तरह की हिंसा या डर के माहौल में नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि हर मतदाता को बिना किसी दबाव और बिना किसी लालच के मतदान करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।कानून व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी की समीक्षा
बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, चुनाव कर्मचारियों की तैनाती, मतदान मशीनों का प्रबंधन और चुनाव से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। आयोग ने कहा कि सभी जिलों को पूरी तैयारी के साथ काम करना होगा।मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आयोग ने कहा कि मतदाताओं को पानी, शौचालय, रैंप और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि किसी को परेशानी न हो। इसके साथ ही मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत रखने को कहा गया।
कानून व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों की होगी विशेष निगरानी
- प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए।
- संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, वहां अतिरिक्त सुरक्षा लगाने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को पहले से रोकने पर जोर दिया गया।
- अधिकारियों को यह भी बताया गया कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की धमकी या दबाव की शिकायत को तुरंत गंभीरता से लिया जाए।
चुनावी खर्च पर निगरानी और आचार संहिता लागू कराने पर होगा जोर
बैठक में चुनाव खर्च की निगरानी और आचार संहिता के पालन पर भी प्रशिक्षण दिया गया।राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों ने अधिकारियों को बताया कि चुनाव के दौरान पैसे या उपहार बांटने जैसी गतिविधियों पर सख्त नजर रखनी होगी। आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी नियम के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया।25 मार्च को रिटर्निंग अधिकारियों का होगा प्रशिक्षण
चुनाव आयोग ने बताया कि 25 मार्च को राज्य के रिटर्निंग अधिकारियों का भी प्रशिक्षण किया जाएगा। यह प्रशिक्षण राज्य के अलग अलग संभागीय मुख्यालयों में आयोजित होगा।आयोग का कहना है कि सभी अधिकारियों को पूरी तरह प्रशिक्षित करना जरूरी है ताकि चुनाव प्रक्रिया में कोई गलती न हो।
