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लोकसभा चुनाव 2024 में कुल 64.64 करोड़ मतदाताओं ने डाले वोट, निर्वाचन आयोग ने पेश किए आंकड़े; जानें सबकुछ

Election Report: क्या आप जानते हैं कि साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में कुल कितने मतदाताओं ने वोट डाला था, कुल कितने उम्मीदवारों मे अपनी किस्मत आजमाई थी? भारतीय निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 पर 42 सांख्यिकीय रिपोर्ट और एक साथ हुए चार राज्य विधानसभा चुनावों पर 14-14 रिपोर्ट जारी की हैं।

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चुनाव आयोग

Election Commission Data: भारतीय निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 पर 42 सांख्यिकीय रिपोर्ट और एक साथ हुए चार राज्य विधानसभा चुनावों पर 14-14 रिपोर्ट जारी की हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़े में बताया गया है कि लोकसभा चुनाव 2024 में 64.64 करोड़ मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वहीं निर्वाचन आयोग ने बताया कि इस साल 8,000 से अधिक उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जबकि 2019 में यह संख्या 8,054 थी। आयोग ने कहा कि वर्ष 2019 के चुनावों की तुलना में तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या में 46.4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।

लोकसभा चुनाव 2024 में 64.64 करोड़ मतदाताओं ने डाले वोट

निर्वाचन आयोग ने बताया कि इस साल लोकसभा चुनाव में पुरुष मतदाताओं के 65.55 प्रतिशत की तुलना में महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.78 प्रतिशत रहा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या 800 थी जबकि 2019 के चुनाव में यह संख्या 726 थी। इस साल दाखिल नामांकन पत्रों की संख्या 12,459 रही जबकि 2019 में यह संख्या 11,692 थी। लोकसभा चुनाव 2024 में 64.64 करोड़ मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

समय-श्रृंखला विश्लेषण की सुविधा प्रदान करेगी ये चुनावी रिपोर्ट

ईसीआई ने कहा कि ये लगभग 100 सांख्यिकीय रिपोर्ट दुनिया भर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, चुनाव पर्यवेक्षकों के लिए गहन विश्लेषण और नीतिगत अंतर्दृष्टि के लिए एक खजाना होंगी। डेटा सेट पीसी/एसी/राज्यवार मतदाताओं, मतदान केंद्रों की संख्या, राज्य/पीसीवार मतदाता मतदान, पार्टीवार वोट शेयर, लिंग-आधारित मतदान व्यवहार, महिला मतदाताओं की राज्यवार भागीदारी, क्षेत्रीय विविधता, निर्वाचन क्षेत्र डेटा सारांश रिपोर्ट, राष्ट्रीय/राज्य दलों/आरयूपीपी का प्रदर्शन, जीतने वाले उम्मीदवारों का विश्लेषण, निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम और बहुत कुछ का विवरण प्रदान करते हैं। यह विस्तृत डेटा सेट हितधारकों को ईसीआई वेबसाइट पर पहले से उपलब्ध पिछले चुनावों के डेटा सेट से तुलना के साथ बारीक स्तर के विश्लेषण के लिए डेटा को काटने और पासा करने का अधिकार देता है, ये रिपोर्ट चुनावी और राजनीतिक परिदृश्य में दीर्घकालिक दृष्टिकोण और बदलावों को ट्रैक करने के लिए समय-श्रृंखला विश्लेषण की सुविधा प्रदान करेगी।

लोकसभा चुनाव ने 64.64 करोड़ मतदाताओं के मताधिकार का प्रयोग करके विश्व रिकॉर्ड बनाया। 2024 में दाखिल नामांकनों की संख्या 12,459 रही, जबकि 2019 में यह संख्या 11,692 थी। 2019 में 8,054 की तुलना में 8,360 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक है, जो महिलाओं के मताधिकार के नए सामान्य होने का संकेत है। महिला वीटीआर 65.78% रही, जबकि पुरुष मतदाताओं के लिए यह 65.55% थी। महिला उम्मीदवारों की संख्या 800 थी, जबकि 2019 में यह संख्या 726 थी। 2019 की तुलना में थर्ड जेंडर मतदाताओं में 46.4% की भारी वृद्धि हुई है। 2024 में 90,28,696 पंजीकृत दिव्यांग मतदाता होंगे, जबकि 2019 में यह संख्या 61,67,482 थी। 2019 में 540 मतदान केंद्रों की तुलना में केवल 40 मतदान केंद्रों {कुल मतदान केंद्रों (10.52 लाख) का 0.0038%) पर पुनर्मतदान हुआ।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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