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Bakra Eid 2025: देशभर में मनाया जाएगा बकरीद का त्योहार, मस्जिदों पर कड़ी सुरक्षा; नमाजियों को रखना होगा इन बातों का ख्याल

Bakra Eid 2025: ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनजर पूरे देशभर में त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। एहतियाती उपायों, सामुदायिक सहभागिता और कड़ी सतर्कता पर ध्यान केंद्रित करते हुए पुलिस थानों ने अपने त्योहार रजिस्टरों की गहन समीक्षा की है। प्रशासन ने धार्मिक नेताओं, शांति समितियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और प्रमुख नागरिकों के साथ बैठकें कर समन्वय बनाए रखने की अपील की है।

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बकरीद 2025 (फाइल फोटो)

Bakra Eid 2025: देशभर में 7 जून यानी शनिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद कुर्बानी की रस्म पूरी होगी। बकरीद के मद्देनजर देश के विभिन्न शहरों में पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी को लेकर सख्ती बरती जा रही है। खासकर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं। प्रशासन ने लोगों से आपसी सौहार्द बनाकर त्योहार मनाने की अपील की है।

दिल्ली सरकार ने बकरीद को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूर्ण रोक रहेगी। इसके साथ ही सड़कों, गलियों और खुले स्थलों पर कुर्बानी नहीं की जा सकेगी, केवल अधिकृत स्थानों पर ही इसकी अनुमति होगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

यूपी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। साथ ही, सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत

ईद-उल-अजहा के अवसर पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र एवं अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय अजय कुमार के पर्यवेक्षण में सुरक्षा योजना को अंतिम रूप दिया गया है। पुलिस विभाग ने जिले में 44 ईदगाहों, 178 मस्जिदों एवं 26 संवेदनशील स्थलों की पहचान की है, जहां भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें छह डीसीपी, सात एडीसीपी, 14 एसीपी, 27 प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, 40 इंस्पेक्टर, 748 उप निरीक्षक (एसआई), 110 महिला एसआई, 1400 मुख्य आरक्षी/आरक्षी और 360 महिला मुख्य आरक्षी लगाए गए हैं।

इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए छह टीआई, 37 टीएसआई, 190 मुख्य आरक्षी एवं 210 आरक्षियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। इन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी की दो कंपनियां, क्यूआरटी की 15 टीमें और कमांडो की दो टीमों की तैनाती की गई है। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली जा रही है।

मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सक्रिय निगरानी कर रही है। किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिले के पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में धर्मगुरुओं और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठकें कर शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

आम लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पर्व को सौहार्द और उल्लास के साथ मनाएं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गाजीपुर में मस्जिदों के बाहर रहेगी कड़ी सुरक्षा

देशभर में 7 जून को ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाया जाएगा। इस दिन सुबह मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद कुर्बानी की रस्म पूरी होगी। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। साथ ही, सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

ईद-उल-अजहा (बकरीद) की तैयारियों को लेकर गाजीपुर एसपी इराज राजा ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान बताया कि केंद्र, जिला और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें हो चुकी हैं। हमारे सीओ, एसडीएम और चौकी इंचार्ज ने बैठक कर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जानवरों की कुर्बानी खुले में न की जाए, केवल निर्धारित स्थानों पर ही की जाए। दूसरा स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि नमाज खुले स्थान पर नहीं की जाएगी। प्रतिबंधित जानवरों की कुबार्नी नहीं दी जाएगी। अगर कोई निर्देश नहीं मानता है तो सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने आगे बताया कि सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम हैं। सुबह से विभिन्न स्थानों पर नमाज अदा होगी। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि शांति से यह त्योहार मनाई जाए।

मुरादाबाद में अलर्ट

मुरादाबाद के वरिष्ठ एसपी ने बताया कि जिला पुलिस ने प्रशासन के साथ मिलकर सभी समुदायों के धार्मिक नेताओं के साथ हर स्तर पर संवाद स्थापित किया है। मुझे उम्मीद और भरोसा है कि पूर्व की तरह ही लोग इसी तरह अपना स्नेह और सहयोग देते रहेंगे। हर किसी से संवाद स्थापित किया गया है, जो भी समस्या थी वह दूर कर ली गई है। शांति से नमाज अदा कराई जाएगी।

बिजनौर में शांति व्यवस्था रहेगी कायम

बिजनौर के एसपी अभिषेक झा ने बताया कि सभी थानों में पहली शांति समिति की बैठकें ठीक से आयोजित की गई हैं। इसके अलावा, प्रशासन और पुलिस के बीच संयुक्त बैठकें हुई हैं, जिसमें स्थानीय स्तर पर सभी संबंधित प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ चर्चा की गई है। जो भी मुद्दे उठे, उन्हें नोट किया गया और तुरंत हल किया गया। उन्होंने कहा कि जो निर्देश जारी किए गए, उसी के अनुसार नमाज अदा की जाएगी। ड्यूटी पर कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। प्रतिबंधित पशुओं की कुबार्नी नहीं दी जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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