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ED ने क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 30 बैंक खातों से 170 करोड़ रुपये किए जब्त

Money Laundering Case: ED ने क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड के एक मामले में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में की गई छापेमारी के बाद कुछ शेल कंपनियों के 30 से अधिक बैंक खाता शेष के रूप में 170 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है।

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ईडी ने 30 बैंक खातों से 170 करोड़ रुपये किए जब्त

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड के एक मामले में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 2 दिन पहले की गई छापेमारी के बाद कुछ शेल कंपनियों के 30 से अधिक बैंक खाता शेष के रूप में 170 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई ईडी के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय द्वारा 11 फरवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत दिल्ली, नोएडा, हरियाणा के रोहतक और उत्तर प्रदेश के शामली में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद की गई थी।

फॉरेक्स ट्रेडिंग स्कीम के जरिए कई निवेशकों को ठगा गया

क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड और अन्य द्वारा अपने निदेशकों रायेंद्र सूद, विनीत कुमार और संतोष कुमार और एक मास्टरमाइंड नवाब अली उर्फ लविश चौधरी के माध्यम से विदेशी मुद्रा व्यापार की आड़ में मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम (एमएलएम) चलाने के मामले में चल रही जांच के तहत किया। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा QFX कंपनी के खिलाफ दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की, जिसने फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग स्कीम के जरिए कई निवेशकों को ठगा था।

ईडी ने कहा कि QFX कंपनी और उसके निदेशक एक अनियमित जमा योजना चला रहे थे, जिसमें निवेशकों को निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा किया गया था। QFX समूह की कंपनियों के एजेंट QFX निवेश योजना के नाम पर MLM स्कीम चलाते थे, जिसमें वे फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर उच्च दर के रिटर्न का वादा करके निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वेबसाइट और ऐप सोशल मीडिया विज्ञापन बनाते थे। एजेंसी के अनुसार, कंपनी के निदेशकों और QFX और YFX के कमीशन पर काम करने वाले विभिन्न एजेंटों ने एक साजिश रची और लोगों को निवेश योजना में निवेश करने के लिए लुभाने के लिए एक अनियमित जमा योजना चलाई, जिसमें निवेशकों द्वारा किए गए निवेश पर प्रति माह 5 प्रतिशत रिटर्न दिया जाता था।

जांच के दौरान, ईडी ने कहा कि यह पता चला कि हिमाचल पुलिस द्वारा क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद, क्यूएफएक्स योजना का नाम बदलकर वाईएफएक्स (यॉर्कर एक्स) कर दिया गया था। विदेशी मुद्रा व्यापार की आड़ में उच्च दर के रिटर्न का लालच देकर निर्दोष निवेशकों को ठगा गया। क्यूएफएक्स के अलावा नवाब अली उर्फ लविश चौधरी द्वारा बॉटब्रो, टीएलसी कॉइन, यॉर्कर एफएक्स जैसी और भी धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाएं चलाई और नियंत्रित की जा रही हैं, जिन्हें विदेशी मुद्रा व्यापार ऐप और वेबसाइट के रूप में पेश किया जाता है।

भारत और दुबई में आयोजित किए गए कई कार्यक्रम

ईडी ने कहा कि अधिक ग्राहकों को लुभाने के लिए भारत और दुबई में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ईडी की जांच में आगे पता चला कि निवेशकों से धन एकत्र करने के लिए रैक्स बॉक्स प्राइवेट लिमिटेड, कैप्टर मनी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और टाइगर डिजिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ईडी ने कहा कि इन कंपनियों के निदेशकों के कार्यालय और परिसरों पर तलाशी ली गई, जिसमें पता चला कि इन फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल क्यूएफएक्स और वाईएफएक्स योजना के मास्टरमाइंड द्वारा क्यूएफएक्स और वाईएफएक्स में निवेश के लिए जनता से जमा प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था, जिसमें उच्च रिटर्न देने का दावा किया गया था कि रिटर्न विदेशी मुद्रा व्यापार से उत्पन्न होता है।

तलाशी अभियान के दौरान, इन फर्जी कंपनियों के 30 से अधिक बैंक खातों में 170 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं, क्योंकि कंपनी के निदेशक धन के स्रोत की व्याख्या नहीं कर सके। क्यूएफएक्स और वाईएफएक्स के कुछ एजेंटों पर भी तलाशी ली गई। एक एजेंट के परिसर से 90 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि जब्त की गई। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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