ED Search in Karnataka: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को बेंगलुरु में कई जगहों पर क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में तलाशी ली। ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत शहर भर में लगभग एक दर्जन जगहों पर मारे गए।
जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उनमें कर्नाटक कांग्रेस के विधायक एन.ए. हारिस के बेटे मोहम्मद हारिस नलपाड़ और उमर फारूक नलपाड़ के घर, साथ ही कथित क्रिप्टो हैकर श्रीकृष्णा रमेश उर्फ श्रीकी से जुड़ी जगहें शामिल थीं। बता दें कि एन.ए. हारिस बेंगलुरु में शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अधिकारी ने बताया कि क्रिप्टो से जुड़े धन शोधन मामले में कर्नाटक कांग्रेस के विधायक एन हैरिस, उनके बेटों और अन्य लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का तलाशी अभियान जारी है।
बिटकॉइन चुराने का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला कर्नाटक पुलिस की FIR और चार्जशीट पर आधारित है, जो 2017 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों से जुड़ी एक हैकिंग की घटना से संबंधित हैं। जांच में आरोप लगाया गया है कि श्रीकी और उसके साथियों ने इन साइबर हमलों के जरिए बिटकॉइन चुराए थे।
अधिकारियों ने आगे बताया कि मोहम्मद हारिस नलपाड़ और उमर फारूक नलपाड़ पर आरोप है कि वे इन कथित क्रिप्टो-संबंधित अपराधों से हुई कमाई के लाभार्थी हैं।
आई-पैक निदेशक ऋषि राज सिंह के प्रतिनिधि छापेमारी मामले में पेश हुए
राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के निदेशक ऋषि राज सिंह के एक कानूनी प्रतिनिधि सोमवार को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि ऋषि राज सिंह के एक कानूनी प्रतिनिधि हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा निकालने की प्रक्रिया में एजेंसी की मदद करने के लिए उसके समक्ष पेश हुए।
वर्ष 2015 में स्थापित यह कंपनी कई राजनीतिक दलों को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान करती है, जिनमें दो चुनावी राज्यों में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (पश्चिम बंगाल) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (तमिलनाडु) भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसमें सिंह, विनेश चंदेल और प्रतीक जैन सहित तीन संस्थापक निदेशक हैं।
