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राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के घर पर ED की छापेमारी, जानिए किस मामले में घिरे

खाचरियावास के जयपुर सिविल लाइन्स स्थित आवास पर सुबह के समय ईडी ने छापेमारी की, इस दौरान यहां कई नेता पहुंच गए।

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प्रताप खाचरियावास

Photo : PTI

Pratap Singh Khachariyavas House Raided: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyavas) के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED Raid) ने छापा मारा है। खाचरियावास के जयपुर सिविल लाइन्स स्थित आवास पर सुबह से ही ईडी की छापेमारी जारी है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम के पहुंचते ही यहां कई कांग्रेसी नेता भी पहुंच गए।

चिट फंड मामले में कार्रवाई- सूत्र

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई देश के सबसे बड़े चिटफंड घोटालों में शामिल पीएसीएल (PACL) घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। यह 50 हजार करोड़ के निवेश से जुड़ा मामला है, जिसमें प्रताप सिंह की भूमिका बताई जा रही है। इस मामले में प्रताप सिंह को पहले एक बार ईडी का समन मिल चुका है।

खाचरियावास बोले, ईडी से नहीं डरता

अपने आवास पर ईडी की छापेमारी को लेकर प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, आज वे यहां तलाशी और छापेमारी करने आए हैं, मैं उनके साथ सहयोग करने जा रहा हूं। ईडी अपना काम कर रही है और मैं अपना काम करूंगा। मेरा मानना है कि भाजपा को ईडी का इस्तेमाल कर राजनीति नहीं करनी चाहिए। मैं ईडी से नहीं डरता। मुझे ईडी की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया। ईडी ने सीधे यहां छापेमारी की।

क्या है पूरा मामला?

पीएसीएल कंपनी पर देशभर के 5.85 करोड़ निवेशकों से करीब 49,100 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। अकेले राजस्थान में ही 28 लाख लोगों ने इसमें 2,850 करोड़ रुपये का निवेश किया था। सेबी ने भी इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की और इस कंपनी की स्कीमों को अवैध मानते हुए 22 अगस्त 2014 को इसके सभी कार्यों पर रोक लगा दी थी। कंपनी ने कथित रूप से रियल एस्टेट में निवेश कराने के नाम पर मोटा पैसा बनाया था।

इसकी गूंज सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंची थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश आर. एम. लोढ़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने कमेटी को पीएसीएल की संपत्तियों की नीलामी कर निवेशकों को उनकी राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया था। सेबी के अनुमान के मुताबिक, पीएसीएल के पास करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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