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ED का बड़ा एक्शन, बीकानेर में धार्मिक ट्रस्ट की आड़ में हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा

छापेमारी के दौरान ईडी को कई चौंकाने वाले सबूत मिले। सदीक अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट और मस्जिद-ए-आयशा ट्रस्ट का अध्यक्ष भी था। इन ट्रस्ट के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है।

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बीकानेर में ED की छापेमारी (IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीकानेर में चार जगहों पर छापेमारी कर एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई जमीअत अहले हदीस (JAH) बीकानेर के अमीर माने जाने वाले मोहम्मद सदीक खान और उनके करीबी लोगों से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, ईडी ने यह जांच 3 जनवरी 2022 को कोटेगेट थाने में दर्ज एफआईआर और गुप्त इनपुट्स के आधार पर शुरू की थी। मोहम्मद सदीक पर हवाला कारोबार, धर्म परिवर्तन, और देश की सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।

ईडी को कई चौंकाने वाले सबूत मिले

छापेमारी के दौरान ईडी को कई चौंकाने वाले सबूत मिले। सदीक अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट और मस्जिद-ए-आयशा ट्रस्ट का अध्यक्ष भी था। इन ट्रस्ट के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है। करीब 20 बैंक खातों से कैश डिपॉजिट और लेन-देन किए गए, लेकिन पैसों का कोई ठोस स्रोत सामने नहीं आया।

कुछ सालों में बांग्लादेश, ईरान, ओमान, नेपाल की यात्रा की

ईडी ने यह भी पाया कि मोहम्मद सदीक ने बीते कुछ सालों में बांग्लादेश, ईरान, ओमान, नेपाल और कतर जैसे देशों की कई बार यात्रा की है। इन दौरों में उसका लंबे समय तक रुकना शक पैदा करता है। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने बांग्लादेश के एक एनजीओ को आर्थिक मदद दी थी। डिजिटल सबूतों में सदीक के सोशल मीडिया से जुड़े कई कट्टरपंथी और भड़काऊ कंटेंट भी मिले हैं। इनमें इजरायली झंडा जलाने के वीडियो और धार्मिक उकसावे वाली पोस्ट शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों को भड़काने और फंड इकट्ठा करने में किया जाता था।

ईडी का कहना है कि अब तक की जांच में हवाला कारोबार, विदेशी फंडिंग, हथियारों की तस्करी, धार्मिक रूपांतरण और धार्मिक संस्थाओं के दुरुपयोग जैसी कई गतिविधियों का खुलासा हुआ है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। फिलहाल मामले की आगे जांच जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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