झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब संवाद की मेज पर पहुंच गया है। शहर के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचकर राज्य सरकार की टीम के साथ पहले दौर की औपचारिक बातचीत की।
इस बैठक के बाद सरकार और छात्र प्रतिनिधियों, दोनों की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। वार्ता के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक हुई है और सरकार ने छात्रों की मांगों को ध्यान से समझा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अभ्यर्थियों की चिंताओं और मांगों पर पूरी गंभीरता के साथ विचार करेगी।
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बातचीत का पहला दौर बहुत ही सकारात्मक-छात्र नेता
वहीं, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बातचीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहला दौर बहुत ही सकारात्मक रहा। सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर एक पारिवारिक माहौल जैसा महसूस हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरी कैबिनेट छात्रों की मांगों को जायज मानते हुए उचित फैसला लेगी।
'तीन मांगे हों पूरी'
हालांकि, प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ रखी है। छात्रों ने अपनी मुख्य मांगों को तीन प्रमुख श्रेणियों— 'रद्दीकरण, जांच और सुधार' में बांटा है। अभ्यर्थियों की मांग है कि धांधली के आरोपों के घेरे में आई जेएसएससी परीक्षाओं और टीडीपीएल (TDPL) एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही, विवादों में रहे अधिकारियों की भूमिका वाली परीक्षाओं को निरस्त करने की बात कही गई है।
CBI और ED करे मामले की संयुक्त जांच
जांच के मोर्चे पर छात्र मामले की सीबीआई और ईडी से संयुक्त जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में दूरगामी प्रशासनिक सुधारों की शर्त भी रखी गई है। छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी एक भी मांग से समझौता किया गया, तो वार्ता को सफल नहीं माना जाएगा और आंदोलन बदस्तूर जारी रहेगा।
