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नार्को टेरर फंडिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर में 6 ठिकानों पर छापेमारी

Jammu and Kashmir: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जम्मू सब-जोनल ऑफिस की टीम ने नार्को टेरर फंडिंग मामले जम्मू-कश्मीर के कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री जतिंदर सिंह उर्फ बाबू सिंह के आवास की तलाशी ली गई। इस मामले में ईडी की जांच जारी है।

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नार्को टेरर फंडिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई

Jammu and Kashmir: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जम्मू सब-जोनल ऑफिस की टीम ने नार्को टेरर फंडिंग मामले में गुरुवार को जम्मू के 2 स्थानों पर और कश्मीर के 4 स्थानों पर यानी कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी की है। इनमें पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री जतिंदर सिंह उर्फ बाबू सिंह के कठुआ स्थित आवास पर भी तलाशी की जा रही है।

हवाला राशि से अलगाववादी-राष्ट्रविरोधी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश

इस मामले से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, 30 मार्च 2022 को पुलिस ने मोहम्मद शरीफ शाह नाम के एक व्यक्ति को उस वक्त पकड़ा था, जब वह कश्मीर से जम्मू तक 6.9 लाख रुपये की हवाला राशि पहुंचाने के लिए जा रहा था। यह रकम पूर्व विधायक जतिंदर सिंह को दी जानी थी। जानकारी के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल जम्मू में अलगाववादी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए होना था।

इस नेटवर्क में कई लोग शामिल

मामले की आगे की जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क में सैफ दीन, फारूक अहमद नायकू, मुबाशिर मुश्ताक फाफू समेत कई लोग शामिल हैं। ये सभी पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के साथ मिलकर एक नार्को टेरर मॉड्यूल चला रहे थे, जिसके जरिए ड्रग्स की तस्करी से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था।

पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी

ईडी की जांच में पता चला कि फारूक अहमद नायकू ने पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी करवाई थी और साल 2021-22 में भारत में इसकी बिक्री से मिले 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम श्रीनगर के बैंक खातों में जमा करवाई गई। बाद में यह पैसा दुबई में काम करने वाले भारतीय नागरिकों के खातों में ट्रांसफर किया गया, ताकि पैसों का असली स्रोत छुपाया जा सके। दुबई में जमा हुई यह अवैध रकम आगे चलकर पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों तक पहुंचाई गई। बता दें कि इस मामले में ईडी की जांच अभी जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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