Robert Vadra Case: प्रवर्तन निदेशायल (ED) ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया है।
क्या है शिकोहपुर लैंड स्कैम
साल 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने गुड़गांव‑गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में लगभग 3.53 एकड़ जमीन को करीब 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे। इसके बाद इस जमीन पर कमर्शियल कॉलोनी के विकास का लाइसेंस मिला, लेकिन कंपनी ने इसे डेवलप नहीं किया। सितंबर 2012 में यह जमीन लगभग 58 करोड़ रुपये में रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ को बेच दी गई।
गुरुग्राम पुलिस ने एक सितंबर, 2018 को एक एफआईआर (नं. 288) दर्ज की थी जिसमें आरोप लगाया गया कि रॉबर्ट वाड्रा ने 3.53 एकड़ जमीन धोखाधड़ी से खरीदी थी। यह जमीन उन्होंने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से 12 फरवरी, 2008 को खरीदी थी और इसमें झूठा दस्तावेज़ी बयान देने का आरोप है।
क्या है आरोप?
आरोप है कि कम दाम में जमीन खरीदकर अत्यधिक मुनाफा कमाया गया और मनी‑लॉन्ड्रिंग की गई। शिकायतकर्ता सुरेंद्र शर्मा ने खेरकी दौला थाने में सितंबर 2018 में धोखाधड़ी और दस्तावेजों में गड़बड़ी (आईपीसी 420, 467 ) की शिकायत दर्ज करवाई।
अब इस केस में ईडी ने 16 जुलाई, 2025 को एक अस्थायी कुर्की आदेश (Provisional Attachment Order) जारी किया है। इसके तहत रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों जैसे स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड की कुल 43 अचल संपत्तियां जिनकी कीमत 37.64 करोड़ रुपये है, कुर्क की गई हैं।
इसके बाद 17 जुलाई, 2025 को नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में 11 लोगों/संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट (Prosecution Complaint) दाखिल हुई, जिसमें रॉबर्ट वाड्रा, उनकी कंपनियां, सत्यनंद याजी, केवल सिंह विर्क, और उनकी कंपनी ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, अभी कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान (cognizance) नहीं लिया है यानी अदालत ने अभी यह तय नहीं किया है कि इन आरोपों पर मुकदमा चलाया जाएगा या नहीं।
