प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का भंडाफोड़ किया। ईडी ने अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, तमिलनाडु और तेलंगाना में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत हुई।
यह पूरा मामला गुवाहाटी की एक फर्म अमित ट्रेडर्स से जुड़ा है, जो अपने पते पर मौजूद ही नहीं थी। जांच में पता चला कि इस फर्म ने फर्जी खरीद दिखाकर आईटीसी पास किया और इसका लिंक श्रीराम एंटरप्राइजेज से मिला। श्रीराम एंटरप्राइजेज ने लगभग 700 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस के आधार पर 116 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी लिया।
छापों में कई बड़े घोटाले सामने आए
अरुणाचल प्रदेश में रेनबो एंटरप्राइजेज और ए.के. एंटरप्राइजेज ने मान लिया कि उन्होंने बिना माल खरीदे 2-2 करोड़ का आईटीसी लिया।
टेनोर इंजीनियरिंग ने 4 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी लिया। इसकी 3 करोड़ की संपत्ति और 36 लाख का बैंक बैलेंस जब्त कर लिया गया।
हैदराबाद की विनर्ध ऑटोमोबाइल्स प्रा. लि. ने 2022–23 और 2023–24 में 110 करोड़ का फर्जी टर्नओवर दिखाया और नकली गाड़ियों की बिक्री और उत्पादन के रिकॉर्ड तैयार किए। यहां फर्जी ई-वे बिल और अफसरों को दी गई रिश्वत के सबूत भी मिले।
हरियाणा में जय श्री बालाजी ट्रेडर्स और जय श्री बालाजी ट्रेडिंग कंपनी ने 87 करोड़ और 62 करोड़ का झूठा टर्नओवर दिखाकर बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों तक फर्जी आईटीसी पहुंचाया।
दिल्ली की प्रीषा एक्सिम ने 200 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाया, जबकि पार्टनर्स को खुद लेन-देन की जानकारी नहीं थी।
ईडी ने बैंक खाते फ्रीज़ किए, प्रॉपर्टी के कागज़ जब्त किए और कई अहम दस्तावेज़ बरामद किए। जांच से साफ है कि जीएसटी सिस्टम का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन फर्जी कंपनियों से पास हुआ आईटीसी कई बड़ी असली मल्टीनेशनल कंपनियों तक भी गया है। ईडी अब इसकी गहराई से जांच कर रही है।
