Earthquake in Jammu Kashmir: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में आज सुबह 5:15 बजे रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि किसी तरह के जानमाल के नुकसान के बारे में किसी तरह की फिलहाल जानकारी नहीं है। भारतीय उपमहाद्वीप के अलग अलग हिस्सों में पिछले एक साल से भूकंप आने की रफ्तार तेज हुई है। अभी 28 अप्रैल को नेपाल में भी करीब इतनी ही तीव्रता के दो भूकंप आए थे।नेपाल के सुरखेत जिले के भूकंप विज्ञान केंद्र के अधिकारी राजेश शर्मा ने एएनआई को बताया कि पहला भूकंप रात 11:58 बजे (स्थानीय समय) पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था जबकि 1:30 बजे 5.9 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया था।
भूकंप इन कारणों से आते हैं
- पृथ्वी की संरचना, बड़े भूकंपों से भूकंपीय तरंगें पृथ्वी भर में गुजरती हैं
- पृथ्वी की सबसे बाहरी परत लगभग 15 प्रमुख स्लैब में विखंडित है जिसे टेक्टोनिक प्लेट कहा जाता है
- टेक्टोनिक प्लेटों के संचलन को धरती के अंदर की गर्मी प्रेरित करती है।
- प्लेट सीमा के प्रकार एक दूसरे दूर जाना, एक दूसके के करीब आना और एक दूसरे को धक्का देना
- इलास्टिक रिबाउंड सिद्धांत, ज्यादा ऊर्जा वाले कण पृथ्वी की सतह पर आते हैं।
भारत में भूकंप की मुख्य वजह
भारत में भूकंपों का मुख्य कारण भारतीय प्लेट का लगभग 50 मिमी की वार्षिक दर से धीरे-धीरे यूरेशियन प्लेट की ओर खिसकना है। यह सबसे आम टेक्टोनिक भूकंपों को जन्म देता है।2001 का विनाशकारी भुज भूकंप 26 जनवरी, 2001 को भारतीय राज्य गुजरात में पाकिस्तानी सीमा के पास हुआ था। भारत में सबसे बड़ा भूकंप, रिक्टर पैमाने पर 8.6 मापने पर, 15 अगस्त, 1950 को भारत-चीन क्षेत्र में आया था।
