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Earthquake Today in India 18 April: भारत में आज कहां आया भूकंप, कहां था केंद्र?

Earthquake Today in India 18 April: भारत में आज कहां भूकंप आया? क्या दिल्ली एनसीआर में बारिश के साथ-साथ कोई भूकंपीय घटना दर्ज हुई है। जानिए

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भारत में आज कहां भूकंप आया

Earthquake Today in India 18 April: भारत में आज कहां भूकंप आया? देश के किस राज्य में आज भूकंप के झटके लगे हैं। रात में आंध्र प्रदेश में भूकंप के झटके लगे हैं। कल शाम को लद्दाख में भी भूकंप आया था। आज अभी तक भारत में भूकंप की कोई घटना दर्ज नहीं की है। दिल्ली एनसीआर में बारिश की भले की संभावना है, लेकिन कोई भूकंपीय घटना दर्ज नहीं हुई है।

भारत में 18 अप्रैल को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on April 18 In India)

आज कहां-कहां भूकंप आया?भूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित क्षेत्र
लद्दाख4.14:01:19 PM (17 April)130 KMलेह
आंध्र प्रदेश3.700:30:2120 KMअनाकापल्ली

दुनिया में 18 अप्रैल को कहां भूकंप आया? (April 18 Tremors Worldwide)

दुनिया में आज कहां भूकंप आया?भूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित क्षेत्र
रूस5.005:58:2135 KMकुरिलस्क
इंडोनेशिया5.104:59:3735 KMटर्नेट
इंडोनेशिया5.304:51:29 AM142.4 KMगोरोन्ता

कम तीव्रता का भूकंप और उससे खतरा

कम तीव्रता का भूकंप वह भूकंप होता है जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल (Richter scale) पर आमतौर पर 3.0 से 4.9 के बीच होती है। ऐसे भूकंप को हल्का या मामूली भूकंप माना जाता है। यह पृथ्वी की सतह के नीचे ऊर्जा के कम स्तर पर निकलने के कारण होता है, इसलिए इसका प्रभाव सीमित रहता है।

कम तीव्रता के भूकंप अक्सर लोगों को हल्के झटके के रूप में महसूस होते हैं। कई बार तो ये इतने हल्के होते हैं कि केवल संवेदनशील उपकरण ही इन्हें दर्ज कर पाते हैं। घरों की खिड़कियां या दरवाजे हल्के से हिल सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इमारतों को कोई गंभीर नुकसान नहीं होता।

हालांकि, इसका असर पूरी तरह से शून्य नहीं होता। अगर कम तीव्रता का भूकंप बार-बार आए, या उसका केंद्र आबादी वाले इलाके के बहुत पास और कम गहराई में हो, तो लोगों में डर और घबराहट पैदा हो सकती है। पहाड़ी या कमजोर मिट्टी वाले क्षेत्रों में छोटे भूकंप भी भूस्खलन या दीवारों में दरार जैसी छोटी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

सरल शब्दों में, कम तीव्रता का भूकंप आमतौर पर जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं करता, लेकिन यह संकेत दे सकता है कि उस क्षेत्र में भूगर्भीय गतिविधि जारी है। इसलिए वैज्ञानिक ऐसे भूकंपों की निगरानी करते रहते हैं, ताकि किसी बड़े भूकंप की संभावना का समय रहते आकलन किया जा सके।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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