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Earthquake Today in India 14 April: देश में आज कहां-कहां भूकंप आया, कितनी थी तीव्रता

Earthquake Today in India 14 April: भारत में आज कहां भूकंप आया। रात में हरियाणा के अलावा और कहां लगे भूकंप के झटके। जानिए कितनी थी तीव्रता, कहां था केंद्र?

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आज कहां-कहां भूकंप आया?

Earthquake Today in India 14 April: भारत में आज कहां भूकंप आया? देश में आज तीन जगहों पर भूकंप आया है। जिसमें उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) और मणिपुर शामिल है। कश्मीर में आज डोडा में भूकंप आया है, डोडा में हाल के दिनों में कई भूकंप के झटके लगे चुके हैं। कल शाम को हरियाणा के रेवाड़ी में भूकंप के झटके लगे थे। दिल्ली एनसीआर और बाकी राज्यों में फिलहाल कोई भूकंपीय घटना दर्ज नहीं हुई हैं।

भारत में 14 अप्रैल को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on April 14 In India)

भारत में आज कहां भूकंप आया?भूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित समय
उत्तराखंड3.407:07:035 KMपिथोरागढ़
जम्मू कश्मीर2.904:55:5510 KMडोडा
मणिपुर2.804:05:3677 KMकामजोंग

दुनिया में 14 अप्रैल को कहां भूकंप आया? (April 14 Tremors Worldwide)

दुनिया में आज कहां भूकंप आया?भूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित समय
उत्तरी मारियाना द्वीप समूह5.508:34:21 AM220 KMपैगन क्षेत्र
रूस4.708:21:48 AM63.7 kmसेवेरो-कुरिलस्क
म्यांमार3.500:21:47AM85 KM26.825, 96.141

कम गहराई का भूकंप ज्यादा खतरनाक है या ज्यादा गहराई का?

भूकंप की गहराई यह तय करने में बहुत अहम भूमिका निभाती है कि उसका असर जमीन पर कितना खतरनाक होगा। सामान्य तौर पर कम गहराई (शैलो) का भूकंप ज्यादा खतरनाक माना जाता है, जबकि ज्यादा गहराई (डीप) का भूकंप अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाता है, भले ही उसकी तीव्रता अधिक क्यों न हो।

कम गहराई वाले भूकंप आमतौर पर पृथ्वी की सतह से 0 से 70 किलोमीटर के बीच आते हैं। चूंकि इनका केंद्र जमीन के काफी करीब होता है, इसलिए इनके झटके सीधे और तेज़ी से सतह तक पहुंचते हैं। इससे इमारतों, सड़कों और अन्य ढांचों को अधिक नुकसान होने की संभावना रहती है। ऐसे भूकंप में कंपन तीव्र महसूस होता है और जान-माल की हानि का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं, ज्यादा गहराई वाले भूकंप 300 से 700 किलोमीटर तक की गहराई में भी आ सकते हैं। इनकी ऊर्जा सतह तक पहुंचते-पहुंचते काफी हद तक कमजोर हो जाती है। इसलिए भले ही इनकी तीव्रता अधिक हो, लेकिन जमीन पर इनका असर अपेक्षाकृत कम होता है और नुकसान सीमित रह सकता है।

हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि भूकंप की तीव्रता (मैग्नीट्यूड), आबादी का घनत्व, भवनों की गुणवत्ता और स्थानीय भूगोल जैसे अन्य कारक भी नुकसान की मात्रा तय करते हैं। लेकिन सामान्य सिद्धांत यही है कि जितना कम गहराई का भूकंप होगा, उतना ज्यादा खतरनाक साबित होने की संभावना रहती है।

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Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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