रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के झटके भारत समेत पाकिस्तान और चीन में भी महसूस किए गए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ से 30 किमी दक्षिण पूर्व में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के झटके 1:33 मिनट पर महसूस किए गए। श्रीनगर के एक स्थानीय निवासी ने बताया, भूकंप के झटके पिछले सप्ताह आए भूकंप से ज्यादा तीव्र थे। उन्होंने बताया, भूकंप के बाद स्कूल के बच्चे डर गए और बाहर निकल आए। कई लोगों ने घरों पर पंखे हिलते हुए देखे।
म्यांमार में 3.7 तीव्रता का भूकंप
इससे पहले मंगलवार को म्यांमार में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.7 थी। राष्ट्रीय भूगर्भ विज्ञान केंद्र ने कहा कि भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर भीतर थी। इस भूकंप में भी किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। 31 मई को भी म्यांमार में भूकंप आया था। इसकी तीव्रता 5.7 थी। तिब्बत के शिजांग इलाके में भी आज भूकंप के झटके आए। यहां आए भूकंप की तीव्रता 4.3 थी।
मार्च में भी महसूस किए गए थे झटके
इससे पहले मार्च में भी भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। मार्च में दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में ये झटके महसूस किए गए थे। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र था। भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई थी।
प्लेटों के टकराने से आता है भूकंप
बता दें, भूकंप आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों की टकराहट है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती के नीचे सात प्लेटें होती हैं, जो लगाचार चक्कर लगाती रहती हैं। जब कभी भी ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो धरती के नीचे की ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती है, इसी कारण भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। वैज्ञानिकों का कहना है कि हर रोज लाखों भूकंप आते हैं, लेकिन ज्यादातर 2.0 से कम तीव्रता के होते हैं, जो महसूस नहीं किए जाते।
