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बुराई पर अच्छाई की जीत, देशभर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा; रावण दहन देखने के लिए उमड़ा जनसैलाब

Dussehra Festivel 2025: दशहरे का पर्व न केवल हमारी अमूल्य धरोहर का हिस्सा है बल्कि यह हमें अपने जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा का बोध भी कराता है। दशहरे का पर्व हमें संदेश देता है कि अधर्म, अन्याय और अहंकार चाहे जितना भी बड़ा क्यों न हो, अंतत: उसकी हार निश्चित है।

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देशभर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा (फोटो साभार: PTI)

Photo : PTI

Dussehra Festivel 2025: देशभर में विजयदशमी (दशहरा) का पर्व इस वर्ष भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। जगह-जगह आयोजित हुए रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतला दहन कार्यक्रमों में लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी और दक्षिण से लेकर पूर्वोत्तर तक अच्छाई की बुराई पर जीत के लिए मनाए जाने वाले त्योहार की रौनक दिखी। विभिन्न शहरों और कस्बों से लेकर गांवों तक दशहरे मेले के आयोजन ने एक अलग ही चमक बिखेरी। रामलीला के आयोजन पंडाल से लेकर मेले लोगों से भरे दिखे। चारो तरफ आतिशबाजी का शोर सुनाई पड़ा।

दिल्ली में CM ने किया रावण दहन

दिल्ली के पीतमपुरा रामलीला ग्राउंड में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रावण दहन किया। हालांकि, बारिश के चलते राजधानी के कई हिस्सों में पुतला दहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।

लुधियाना में दशहरे की धूम

पंजाब में अमृतसर, मोहाली, लुधियाना, पटियाला और पठानकोट जबकि हरियाणा में पंचकूला, करनाल, रोहतक, अंबाला सहित कई स्थानों पर पुतला दहन समारोह आयोजित किए गए। शाम को रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को जलते हुए देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। लुधियाना के ऐतिहासिक दरेसी मैदान में भी भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने रिमोट का बटन दबाकर रावण दहन किया। उन्होंने कहा कि यह दिन सत्य की असत्य पर और नेकी की बुराई पर जीत का प्रतीक है, इसलिए यह पर्व ऐतिहासिक महत्व रखता है।

चंडीगढ़ में रामलीला का आयोजन

चंडीगढ़ के सेक्टर-46 दशहरा ग्राउंड में भी भव्य आयोजन देखने को मिला। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुतला दहन के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया। हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने दशहरा के पावन अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। घोष ने इस अवसर पर एक संदेश में कहा मैं देश के सभी नागरिकों और हरियाणावासियों को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मां दुर्गा सभी को सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन प्रदान करें

रायबरेली में भी विजयदशमी पर भव्य आयोजन हुआ। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने राम जी का तिलक और आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसके बाद 40 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। भारी भीड़ के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

मुरादाबाद 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन

मुरादाबाद के थाना मझौला क्षेत्र स्थित लाइन पार रामलीला मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने पूजा-पाठ कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पुतले को मेरठ के मुस्लिम कारीगरों ने बनाया था। एक लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति के अनुमान के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

हरिद्वार के सेक्टर-4 रामलीला ग्राउंड में रावण दहन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। करीब 50 हजार लोग मेले में शामिल हुए, जिनमें सिडकुल और भेल के मजदूर भी थे। पुलिस के लिए सुरक्षा बड़ी चुनौती रही। हर चौक-चौराहे पर पुलिस तैनात रही और रोड डाइवर्जन लागू रहा।

देहरादून में दशहरे का रंग फीका

उधर, देहरादून में बृहस्पतिवार शाम हुई भारी बारिश ने दशहरा उत्सव का रंग फीका कर दिया, लेकिन इससे लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आयी जो उसके रूकने के इंतजार में वहीं डटे रहे । करीब एक घंटे हुई तेज बारिश से तरबतर परेड ग्राउंड में मौजूद रहकर हजारों लोगों ने पानी से भीगे रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को जलते हुए देखा। भीगा होने के कारण रावण का पुतला पूरी तरह से जल भी नहीं सका। शाम पांच बजे से कुछ पहले शुरू हुई बारिश से मैदान पर जमा भीड़ में अफरा-तफरी मच गयी जो कुर्सियों को सिर पर उलटा करके और प्लास्टिक की पन्नियों को ओढ़कर उसके रूकने का इंतजार करते रहे।

सीएम धामी ने दी बधाई

सीएम धामी ने कहा कि दशहरे का पर्व न केवल हमारी अमूल्य धरोहर का हिस्सा है बल्कि यह हमें अपने जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा का बोध भी कराता है। उन्होंने कहा कि दशहरे का पर्व हमें संदेश देता है कि अधर्म, अन्याय और अहंकार चाहे जितना भी बड़ा क्यों न हो, अंतत: उसकी हार निश्चित है।

मुख्यमंत्री ने अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर धर्म की राह पर चलने का संकल्प लेने का लोगों से आहवान किया । उन्होंने यह भी कहा,‘‘ दशहरा हमें यह भी याद दिलाता है कि अब भी समाज में कई रावणों का संहार करना बाकी है क्योंकि आज भी अलग-अलग रूपों में वह हमारे बीच मौजूद है।

मैसूर में दशहरे का सफर आयोजन

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को बुकर पुरस्कार विजेता बानु मुश्ताक को दशहरा उद्घाटन के लिए धन्यवाद दिया और मैसूर शहर में ऐतिहासिक दशहरा समारोह के सफल आयोजन के लिए मंत्रियों व अधिकारियों की सराहना की। मैसूर में गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दशहरा एक जन-जन का उत्सव है। यह तभी सफल होता है जब अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हों। मैं लेखिका और बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को बधाई देता हूं, जिन्होंने इस वर्ष के दशहरा उत्सव का उद्घाटन किया। यह खुशी की बात है कि यह उत्सव बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक मनाया गया। मैं उन मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की सराहना करता हूं जिन्होंने इसे संभव बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।

हिमाचल प्रदेश में कुल्लू दशहरा समारोह का उद्घाटन

हिमाचल प्रदेश के 300 से अधिक देवी-देवताओं की उपस्थिति के बीच राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने गुरुवार को यहां सप्ताह भर चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान रघुनाथ की पारंपरिक रथ यात्रा में भी हिस्सा लिया। सदियों पुराना कुल्लू दशहरा विजया दशमी से शुरू होता है, जिस दिन देश के बाकी हिस्सों में उत्सव समाप्त हो जाता है। 8 अक्टूबर को व्यास नदी के तट पर लंकादहन समारोह के दौरान एकत्रित देवताओं द्वारा 'दुष्ट साम्राज्य' का नाश किया जाएगा। इस दौरान हजारों श्रद्धालु भगवान रघुनाथ के पवित्र रथ को खींचते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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