NCRB Report on UP Crime: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पीठ थपथपाई गई है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि सूबे में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में कमी आई है और 2023 में राज्य में कोई भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। अन्य राज्यों के मुकाबले यूपी में हिंसा के मामलों में गिरावट आई है। सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती का असर राज्य के कानून-व्यवस्था पर पड़ा है।
2023 में यूपी में कोई दंगा नहीं
NCRB के आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश का औसत प्रति एक लाख, 448 से ज्यादा क्राइम है जबकि यूपी में प्रति एक लाख क्राइम का औसत सिर्फ 335 है। सीएम योगी की सख्त नीतियों की वजह से राज्य में अपराध पर लगाम लगा है और कुल अपराध में 25 प्रतिशत की कमी आई है।
अपराध दर में यूपी 20वें स्थान पर
कुल अपराधों की बात करें तो वर्ष 2023 में आईपीसी के तहत देशभर में 3405202 मामले दर्ज किए गए। इनमें यूपी के 428794 केस हैं। अन्य राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में आईपीसी के तहत अपराध दर में यूपी 20वें स्थान पर रहा। वर्ष 2021 में यूपी में आईपीसी के तहत 357505 मामले, 2022 में 401787 मामले दर्ज किए गए।
अपराध में वृद्धि दर्ज हुई
जघन्य अपराधों की अगर बात करें तो NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा जघन्य अपराध लखनऊ में, इसके बाद कानपुर और तीसरे स्थान पर गाजियाबाद है। वर्ष 2023 में यूपी के तीनों शहरों में सर्वाधिक 2,236 केस राजधानी में पंजीकृत किए गए। वर्ष 2021 में कुल 1,636 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2022 में यह आंकड़ा कम होकर 1,319 पर आ गया था। वहीं, वर्ष 2023 में दोनों वर्षों के मुकाबले अपराध में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 2023 में सबसे अधिक अपराध दर्ज किए गए, जहां कुल 13,000 से अधिक मामले सामने आए।
एनसीआरबी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने 19 मेट्रो शहरों में दहेज हत्या और बलात्कार के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में प्रति लाख आबादी के प्ररिप्रेक्ष्य में अपराध दर 14.4 प्रतिशत रही, जो इंदौर और जयपुर से कम है। वर्ष 2023 में शहर में 1,088 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए। जयपुर में 573 और मुंबई में 196 मामले सामने आए। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल मिलाकर, 2023 में दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 5.59 प्रतिशत की कमी आई, जबकि 2022 में 14,158 मामले थे और 2021 में 13,982 मामले दर्ज किए गए थे।
