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'वो हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उनको बिरयानी खिलाने चले...' पुरानी घटनाएं याद दिला विपक्ष पर बरसे जेपी नड्डा

जेपी नड्डा ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में पुरानी घटनाओं का जिक्र कर विपक्ष पर जमकर बरसे, उन्होंने कहा कि पहलगाम अटैक पर सवाल पूछने वाले पहले अपना गिरेबां देखें फिर सवाल उठाएं।

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ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान जेपी नड्डा ने विपक्ष को जमकर सुनाया (फोटो: Twitter@BJP4India)

JP Nadda on Operation Sindoor: राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने

विपक्ष को जमकर सुनाया उन्होंने इसके लिए पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए जमकर वार किए, उन्होंने कहा कि 2005 में जौनपुर में श्रमजीवी एक्सप्रेस में हरकत-उल-जिहाद ने बम ब्लास्ट किया था। 14 लोग मारे गए और 62 घायल हुए, लेकिन उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।जो आज हमसे पूछ रहे हैं कि पहलगाम का क्या हुआ-वो पहले खुद के गिरेबान में झांककर देखें!

जेपी नड्डा ने कहा, '...तत्कालीन सरकार ने 2005 के दिल्ली सीरियल बम विस्फोटों, 2006 के वाराणसी आतंकी हमले, 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम विस्फोटों में कोई कार्रवाई नहीं की....मुद्दा यह है कि तब भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद और व्यापार और पर्यटन जारी रहा...'

नड्डा ने कहा कि इंडियन मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा ने मिलकर मुंबई ट्रेन में बम ब्लास्ट किया। 209 लोग मारे गए, 700 से अधिक घायल हुए।इसके बाद एक Joint Anti-terrorism mechanism बनाया गया। 2 महीने बाद इसकी पहली बैठक हुई, सात महीने बाद दूसरी बैठक हुई… लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

'22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला ले लिया'

नड्डा ने कहा कि 'पहलगाम हमले के बाद, पीएम मोदी ने मधुबनी, बिहार से कहा था कि तुमको कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी और हम सबको मालूम है कि 13 दिनों के अंदर ऑपरेशन सिन्दूर के माध्यम से आतंकवादियों को जवाब दिया गया। हम 300 किमी अंदर गए और आतंक के 9 ठिकानों को तबाह किया। 22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला ले लिया।'

नड्डा यहीं नहीं रूके उन्होंने आगे कहा कि 2005 में दिवाली से ठीक पहले लश्कर-ए-तैयबा ने दिल्ली में सीरियल बम ब्लास्ट किया। 67 लोग मारे गए, 200 से अधिक घायल हुए।कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।2006 में वाराणसी के संकटमोचन मंदिर में हरकत-उल-जिहाद ने हमला किया। 28 लोग मारे गए, 100 लोग घायल हुए। कोई कार्रवाई नहीं की गई।

'वो हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उनको बिरयानी खिलाने चले...'

जेपी नड्डा ने कहा 'हमें उनकी (तत्कालीन कांग्रेस सरकार) तुष्टिकरण की सीमाओं को समझने की जरूरत है कि 2008 में इंडियन मुजाहिद्दीन द्वारा जयपुर बम विस्फोटों के बाद, भारत और पाकिस्तान एक विशिष्ट विश्वास-निर्माण उपायों पर सहमत हुए... वो हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उनको बिरयानी खिलाने चले... उन्होंने नियंत्रण रेखा पार करने के लिए ट्रिपल-एंट्री परमिट की अनुमति दी...'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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