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Delhi Engineer Murder : मां के सामने इंजीनियर बेटे की हत्या, ससुराल पक्ष ने पीट-पीटकर ले ली जान; सुलह के नाम पर मर्डर

दिल्ली के निहाल विहार के लक्ष्मी पार्क में सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय कुमार गुप्ता की घर में पीट-पीटकर हत्या का आरोप ससुराल पक्ष पर लगा है। परिजनों के मुताबिक, सुलह के बहाने छह लोग घर आए थे। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या

दिल्ली : निहाल विहार थाना क्षेत्र के लक्ष्मी पार्क में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की उसके घर में पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान विनय कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी के मायके वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। जानकारी के मुताबिक, विनय कुमार गुप्ता का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे विनय के ससुराल पक्ष के छह लोग उसके घर पहुंचे थे। उस समय विनय की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य भी घर में मौजूद थे।

चीखती-चिल्लाती रही मां

परिजनों के मुताबिक, विनय की मां ससुराल से आए लोगों के लिए पानी और नाश्ता लेने गई थी। इसी दौरान कमरे में मौजूद लोगों ने कथित तौर पर विनय के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि विनय की मां अपने बेटे को बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही और मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन हमलावरों ने उसकी पिटाई जारी रखी। गंभीर रूप से घायल विनय को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता के अनुसार, विनय नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। करीब चार साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही निहाल विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह और घटना के पूरे घटनाक्रम का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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