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'Pakistani बेबी' पर लट्टू था DRDO वैज्ञानिक, पहुंचा रहा था मिसाइल सिस्टम की सीक्रेट बातें; ATS की चार्जशीट में कई खुलासे

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 8, 2023, 11:57 AM IST

DRDO Scientist Pakistan spy: एटीएस की चार्जशीट में सामने आया है कि कुरुलकर और जारा दासगुप्ता में व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क हुआ था। जारा दासगुप्ता ने दावा किया था कि वह ब्रिटेन में रहती है और सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसने कुरुलकर को अश्लील संदेश और वीडियो भेजकर उससे दोस्ती की। जांच के दौरान उसका आईपी एड्रेस पाकिस्तान का पाया गया।

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DRDO scientist Pradeep Kurulkar

Photo : Twitter

DRDO Scientist Pakistan spy: पाकिस्तानी महिला एजेंट को खुफिया जानकारियां उपलब्ध कराने के आरोप में डीआरडीओ के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को तीन मई को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र एटीएस ने कुरुलकर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें सामने आया है कि डीआरडीओ वैज्ञानिक पाकिस्तानी महिला एजेंट पर पूरी तरह फिदा था और उसे खुफिया जानकारियां मुहैया करा रहा था।

आरोप पत्र में कहा गया है कि डीआरडीओ वैज्ञानिक एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के प्रति आकर्षित था। महिला ने अपना नाम जारा दासगुपता बताया था। दोनों के बीच हुई बातचीत में सामने आया है कि डीआरडीओ के वैज्ञानिक ने पाकिस्तानी महिला एजेंट से खुफिया रक्षा परियोजनाओं के अलावा भारतीय मिसाइल प्रणालियों के बारे में बातचीत की थी।

व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल के जरिए करते थे बात

एटीएस की चार्जशीट में सामने आया है कि कुरुलकर और जारा दासगुप्ता में व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क हुआ था। इसके बाद वह वॉयस और वीडियो कॉल के जरिए भी बातचीत किया करते थे। जारा दासगुप्ता ने दावा किया था कि वह ब्रिटेन में रहती है और सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसने कुरुलकर को अश्लील संदेश और वीडियो भेजकर उससे दोस्ती की। जांच के दौरान उसका आईपी एड्रेस पाकिस्तान का पाया गया।

ब्रह्मोस और अग्नि जैसी मिसाइलों की जानकारी चाहती थी एजेंट

आरोप पत्र के मुताबिक, पाकिस्तानी एजेंट ने ब्रह्मोस लॉन्चर, ड्रोन, यूसीवी, अग्नि मिसाइल लॉन्चर और मिलिट्री ब्रिजिंग सिस्टम समेत अन्य के बारे में खुफिया और संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की। आरोप पत्र में कहा गया है कि कुरुलकर महिला के प्रति आकर्षित था और उसने डीआरडीओ की खुफिया और संवेदनशील जानकारी को अपने निजी फोन में लिया और फिर कथित तौर पर ज़ारा के साथ साझा किया।

जून 2022 से संपर्क में थे दोनों

एटीएस के मुताबिक, दोनों जून 2022 से दिसंबर 2022 तक संपर्क में थे। कुरुलकर की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद डीआरडीओ द्वारा आंतरिक जांच शुरू करने से ठीक पहले, उसने फरवरी 2023 में जारा का नंबर ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद उसे एक अज्ञात भारतीय नंबर से व्हाट्सऐप पर संदेश मिला कि आपने मेरा नंबर क्यों ब्लॉक कर दिया। आरोप पत्र के मुताबिक, बातचीत के रिकॉर्ड से पता चला है कि कुरुलकर ने पाकिस्तानी एजेंट के साथ अपना निजी और आधिकारिक कार्यक्रम और स्थान साझा किए जबकि उसे पता था कि उसे ऐसा किसी के साथ नहीं करना है।

(भाषा इनपुट के साथ)

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