रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने स्वदेशी तकनीक से विकसित ‘एयर ड्रॉपेबल कंटेनर’ (ADC-150) प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। यह सिस्टम समुद्र में तैनात जहाजों तक हवा के जरिए जरूरी सामान, उपकरण और मेडिकल सहायता पहुंचाने में सक्षम होगा।
चार सफल इन-फ्लाइट रिलीज ट्रायल किए गए
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, गोवा तट के पास 21 फरवरी से 1 मार्च के बीच P-8I विमान से चार सफल इन-फ्लाइट रिलीज ट्रायल किए गए। इन परीक्षणों के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में कंटेनर को विमान से गिराकर उसकी कार्यक्षमता का आकलन किया गया। सभी परीक्षण सफल रहने के बाद अब इस प्रणाली को जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने की संभावना है।
150 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है ‘ADC-150’ प्रणाली
‘ADC-150’ प्रणाली को खास तौर पर नौसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम समय में विकसित किया गया है। यह सिस्टम लगभग 150 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है। इसका उपयोग समुद्र में दूर तैनात जहाजों को जरूरी उपकरण, स्पेयर पार्ट्स, दवाइयां या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री तुरंत पहुंचाने के लिए किया जा सकेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कई बार समुद्र में तैनात जहाजों में मशीनरी या उपकरण में खराबी आ जाती है और तत्काल जरूरी सामान की जरूरत होती है। ऐसे में विमान से कंटेनर गिराकर जहाज के पास पहुंचाया जा सकता है। जहाज उस कंटेनर को समुद्र से निकालकर उसमें मौजूद सामग्री का इस्तेमाल कर सकता है और अपने अभियान को जारी रख सकता है।
इस परियोजना में नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेबोरेटरी (NSTL), विशाखापत्तनम को नोडल एजेंसी बनाया गया था। वहीं एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADRDE), आगरा ने पैराशूट प्रणाली विकसित की, जबकि सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थीनेस एंड सर्टिफिकेशन (CEMILAC), बेंगलुरु ने उड़ान से संबंधित प्रमाणन प्रदान किया। परीक्षण के दौरान डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), हैदराबाद ने तकनीकी उपकरणों के जरिए सहायता दी।
