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कभी सुनी है प्लेन में लगी हॉर्न की आवाज...? जानिए इसका जहाज में क्या होता है प्रयोग

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 5, 2022, 03:14 PM IST

बस लेकर ट्रेन तक और यहां तक कि पानी वाले जहाजों में भी आपने हॉर्न को देखा होगा या सुना होगा, लेकिन प्लेन में लगने वाले हॉर्न की कहानी थोड़ी अलग है। क्योंकि यह आमतौर पर न तो दिखता है और न ही कहीं सीधे लोग इसे सुन पाते हैं। यही कारण है कि इसमें हॉर्न को लेकर कंफ्यूजन बना रहता है।

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प्लेन में भी लगा होता है हॉर्न

Photo : BCCL

कभी सुना है हवाई जहाज में लगे हॉर्न की आवाज को, नहीं न? शायद आपको भरोसा न हो लेकिन प्लेन में भी एक हॉर्न लगा होता है। हालांकि इसका उपयोग थोड़ा अलग होता है। दरअसल आम तौर पर प्लेन को किसी हॉर्न की जरूरत नहीं होती है।

रेलगाड़ी, बस, कार, बाइक और पानी के जहाज में लगे हॉर्न की आवाज रियल लाइफ से लेकर रील लाइफ तक में देखने को मिलती रहती है, लेकिन हवाई जहाज को लेकर ऐसा दावा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि ये जहाज किसी सड़क पर तो उड़ते नहीं, दूसरा इनका एक फिक्स रूट होता जो आज की तारीख में रडारों के जरिए तय होता है। इनके रास्ते में न तो कोई आ सकता है, न कोई जा सकता है और अगर कोई गलती से ऐसा करते हैं तो दुर्घटना होना तय है। ऐसे में इसे आम तौर पर हॉर्न की जरूरत नहीं होती है, लेकिन फिर भी जहाज में हॉर्न होता है, तो आइए जानते हैं कि इसकी प्लेन में क्या जरूरत होती है।

क्या है उपयोग

हवाई जहाजों में वास्तव में हॉर्न होते हैं। इस हॉर्न का उपयोग संचार उपकरण के रूप में किया जाता है और भी केवल तब, जब वे जमीन पर होते हैं। ग्राउंड इंजीनियरों को अक्सर कॉकपिट में काम करना पड़ता है और वे जमीन पर अपने सहकर्मियों से संपर्क करने के लिए अक्सर इस हॉर्न का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसी होती है आवाज

विमान का हॉर्न पारंपरिक कार के हॉर्न की तरह नहीं होता है। यह एक अलार्म की तरह होता है। इसकी आवाज विमान की कंपनियों द्वारा तय की जाती है। मतलब अलग-अलग विमान कंपनियों के हॉर्न की आवाज अलग-अलग हो सकती है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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