Lok Sabha Elections 2024: साल 2024 के आम चुनाव के पहले समूचा विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सामने अपना आधार मजबूत करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाता नजर आया है। मिशन अपोजीशन के तहत विपक्ष के विभिन्न नेता मुलाकात और दौरे करते रहे हैं, जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आदि शामिल हैं। गुरुवार (एक जून, 2023) को इसी कड़ी में आप संयोजक केजरीवाल दक्षिण भारतीय सूबे के तमिलनाडु पहुंचे, जहां चेन्नई में उन्होंने वहां के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) अध्यक्ष एमके स्टालिन से भेंट की। केजरीवाल के साथ इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के नेता संजय सिंह और राघव चड्ढा आदि मौजूद रहे। स्टालिन ने इस मीटिंग के बाद बताया कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश का द्रमुक पुरजोर विरोध करेगी।
तमिलनाडु सीएम ने इससे पहले यह भी बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने के लिए द्रमुक सभी कदम उठएगी। बुधवार (31 मई, 2023) रात जापान से चेन्नई पहुंचने पर उन्होंने मीडिया बातचीत में केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर आरोप लगाया कि वह ‘‘विपक्षी दलों को डराने’’ के लिए आयकर, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सरीखी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने पिछले हफ्ते अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी वी सेंथिल बालाजी के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों पर आयकर के छापे के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में यह बात कही। आप नेता और दिल्ली सीएम के साथ भेंट पर यह पूछे जाने पर कि क्या यह ‘‘विपक्ष को एकजुट करने’’ का हिस्सा थी? उन्होंने कहा, ‘‘वह प्रयास पहले से ही जारी है। यह नया नहीं है। द्रमुक इसमें पूरे मन से शामिल होगी।’’
