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कांग्रेस के बाद अरविंद केजरीवाल को ओवैसी ने दिया बड़ा झटका, केंद्र के अध्यादेश पर नहीं करेंगे समर्थन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 31, 2023, 11:44 PM IST

Delhi Ordinance Issue: एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा, जब अनुच्छेद 370 को खत्म किया गया था, तो अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि हम इस फैसले का समर्थन करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे राज्य में शांति और विकास आएगा।

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असदुद्दीन ओवैसी

Photo : BCCL

Delhi Ordinance Issue: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन औवैसी ने बड़ा झटका दिया है। उन्होंने केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल का समर्थन करने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी दिल्ली में शक्तियों के बंटवारे को लेकर केंद्र के अध्यादेश पर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का समर्थन नहीं करेगी। बता दें, दिल्ली में शक्तियों के बंटवारे को लेकर केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश पास किया है। अरविंद केजरीवाल इस अध्यादेश को राज्यसभा में निरस्त करवाना चाहते हैं। इसके लिए वे सभी विपक्षी दलों से मिल रहे हैं।

एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा है कि आम आदमी प्रमुख अरविंद केजरीवाल कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का पालन करते हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 पर भाजपा का समर्थन क्यों किया था और अब वह क्यों रो रहे हैं?

केजरीवाल कट्टर हिंदू बनने की कोशिश कर रहे

औवैसी ने कहा, मैं केजरीवाल का जानता हूं वह कट्टर हिंदू बनने की कोशिश कर रहे हैं। वह वास्तविक हिंदुत्व का अनुसरण करते हैं न कि महज उदाज हिंदुत्व का। इसलिए केंद्र के अध्यादेश पर मैं अरविंद केजरीवाल का समर्थन नहीं करूंगा। उन्होंने कहा, जब अनुच्छेद 370 को खत्म किया गया था, तो अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि हम इस फैसले का समर्थन करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे राज्य में शांति और विकास आएगा।

कांग्रेस ने भी नहीं दिया अब तक समर्थन

बता दें, केंद्र के अध्यादेश पर अभी तक कांग्रेस पार्टी ने भी अरविंद केजरीवाल को अपना समर्थन नहीं दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने कई मुद्दों पर कांग्रेस का खुलकर विरोध किया है। ऐसे में अध्यादेश मामले में उनका पेंच फंसा हुआ है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश पर पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) का समर्थन नहीं करेगी। बाजवा की टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब पंजाब के कांग्रेस नेताओं ने कुछ दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की थी और दिल्ली सेवा अध्यादेश मुद्दे पर आप का समर्थन नहीं करने का सुझाव दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस आप का समर्थन करेगी, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने कहा, ‘‘हम उनका समर्थन बिल्कुल नहीं करने जा रहे। हमने स्पष्ट कर दिया है कि हमारा आप के साथ कोई संबंध नहीं है।हालांकि, अन्य विपक्षी दल खुलकर केजरीवाल के समर्थन में आए हैं। इसमें ममता बनर्जी से लेकर नीतीश कुमार से भी शामिल हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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