प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान लोकसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण बिल और उसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने बिल को पारित करने के लिए विपक्ष से सहयोग न मिलने को लेकर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि जो आज इस बिल का विरोध करेंगे उन्हें भविष्य में लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी होगी।
वहीं, इस दौरान विपक्षी DMK के सांसद संसद में बिल के विरोध में काले कपड़े पहनकर आए थे। जिस पर पीएम मोदी ने सधे लेकिन चुटीले अंदाज में उन पर भी तंज कसा। पीएम मोदी ने कहा कि अपने देश में किसी को नजर नहीं लग जाए इसके लिए काला टीका लगाते हैं। यहां आज इस मौके पर डीएमके के सांसद काले कपड़े पहनकर आए हैं, इससे इस बिल का महत्व और बढ़ जाता है। मैं उन्हें धन्यवाद करता हूं कि वे इस बिल को नजर लगने से बचाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में डीलिमिटेशन बिल पर बहस के दौरान अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के बाद हर राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी।
स्टालिन ने काले कपड़े पहनकर जलाई परिसीमन विधेयक की प्रति
वहीं दूसरी ओर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बृहस्पतिवार को परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाकर उसे काला कानून करार दिया और आरोप लगाया कि यह विधेयक तमिल लोगों को उनकी अपनी ही भूमि में शरणार्थी बनाने का प्रयास है। महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक से कुछ घंटे पहले स्टालिन ने काला झंडा दिखाया,केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाई और नारे लगाए।
इससे पहले, केंद्र द्वारा प्रस्तावित परिसीमन का कड़ा विरोध करते हुए बुधवार को स्टालिन ने राज्य भर में काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के इस कदम से तमिलनाडु के हितों को नुकसान पहुंचेगा।
