सियासी पारा हुआ हाई: तस्वीर शेयर कर RSS और PM मोदी की तारीफ; CWC बैठक के बीच क्या संकेत दे गए दिग्विजय सिंह?
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Dec 27, 2025, 04:00 PM IST
दिग्विजय सिंह इससे पहले भी राहुल गांधी को नसीहत दे चुके हैं। करीब एक सप्ताह पहले भी उन्होंने एक पोस्ट के जरिए राहुल को संगठन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी। दिग्विजय सिंह ने तब राहुल से कहा था कि सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ कांग्रेस संगठन पर भी बराबर ध्यान दिया जाए।
दिग्विजय सिंह दे गए बड़ा संकेत।
कांग्रेस में फिलहाल सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। शशि थरूर के बाद अब देश की सबसे पुरानी पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस की तारीफ की है। जिसके बाद देश के राजनीतिक हलकों में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हम बात कर रहे हैं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजिय सिंह की। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अकाउंट से एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर भी शेयर की है। इस तस्वीर में पीएम मोदी लाल कृष्ण आडवाणी के आगे जमीन में बैठे दिखाई दे रहे हैं, वहीं आडवाणी कुर्सी पर बैठे हैं। हालांकि बैठक के बाद मे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोगों ने उनकी बात को गलत ढंग से ले लिया।
पोस्ट में क्या लिखा है?
दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,'मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयं सेवक व जनसंघ और भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संघटन की शक्ति है। जय सिया राम।'
हालांकि बैठक के बाद मे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोगों ने उनकी बात को गलत ढंग से ले लिया। उन्होंने कहा, 'मैं संगठन का समर्थन करता हूं। मैं आरएसएस और पीएम मोदी के खिलाफ हूं। आपने गलत समझा है। मैंने 'संगठन'की प्रशंसा की है। मैं आरएसएस और मोदी का कट्टर विरोधी था, हूं और रहूंगा। क्या संगठन को मजबूत करना और उसकी प्रशंसा करना गलत बात है?'
पीएम मोदी को भी किया टैग
सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि दिग्विजय सिंह ने इस पोस्ट में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पीएम नरेंद्र मोदी को भी टैग किया है। इसके अलावा, उनकी यह पोस्ट कांग्रेस की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक के बीच आई है। खुद दिग्विजय सिंह भी इस बैठक में थे, ऐसे में उनकी इस पोस्ट ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है। राजनीतिक जानकार इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ का मानना है कि उन्होंने भाजपा-आरएसएस के मजबूत संगठन की ओर इशारा किया है, जबकि कुछ इसे वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ रहे हैं। ऐसे में कई लोगों का तो यह भी कहना है कि वे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को लेकर आईना दिखा रहे हैं।
राहुल गांधी को पहले भी दे चुके हैं नसीहत
वहीं, दिग्विजय सिंह इससे पहले भी राहुल गांधी को नसीहत दे चुके हैं। करीब एक सप्ताह पहले भी उन्होंने एक पोस्ट के जरिए राहुल को संगठन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी। दिग्विजय सिंह ने तब राहुल से कहा था कि सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ कांग्रेस संगठन पर भी बराबर ध्यान दिया जाए। जिस तरह चुनाव आयोग में सुधार और व्यावहारिक विकेंद्रीकरण की जरूरत होती है, वैसे ही कांग्रेस संगठन में भी बदलाव जरूरी हैं। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई थी कि राहुल गांधी इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। ऐसे में इन दोनों पोस्टों को साथ में देखा जाए तो साफ है कि दिग्विजय सिंह के बयान और उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर चल रही बहस को और तेज कर रही हैं।
शशि थरूर की राह पर दिग्विजय सिंह?
उनके हालिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्टों को देखकर यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या दिग्विजय सिंह भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की तरह पार्टी से 'बागी' हो रहे हैं। शशि थरूर ने पार्टी के भीतर संगठन, नेतृत्व और सुधारों को लेकर काफी लंबे समय से खुलकर राय रखी। कई बार उन्होंने भी भाजपा और पीएम मोदी की तारीफ भी की है। उसी तरह अब दिग्विजय सिंह भी कांग्रेस के अंदरूनी ढांचे और कार्यशैली पर संकेतों में सवाल उठाते दिख रहे हैं। दोनों ही नेताओं की टिप्पणियां यह बताती हैं कि कांग्रेस में आत्ममंथन और बदलाव की मांग अब अंदर से ही उठने लगी है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।