अडानी ग्रुप (Adani Group) पर हिंडेबर्ग की रिपोर्ट के बाद सियासी हंगामा मचा हुआ है। बजट सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष अडाणी ग्रुप के वित्तीय लेनदेन को लेकर सरकार पर हमलावर है वो लगातार इस पूरे मामले की जांच JPC या सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की कमेटी से कराने की मांग पर अड़ा हुआ है। इस सबके बीच सुप्रीम कोर्ट में यूएस-बेस्ड फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई है।
रिपोर्ट पर मचा है हंगामा
बाज़ार से लेकर संसद के भीतर तक बवंडर मचा है। एक तरफ बाज़ार का ग्राफ उतरता चढ़ता है दूसरी तरफ संसद के भीतर हंगामे का ग्राफ सिर्फ चढ़ रहा है। अडानी ग्रुप को लेकर आई अमेरिकी संस्था हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने सियासी तौर पर एक मुद्दा विपक्ष के हाथों में थाम दिया है। इसमें शक नहीं कि मुद्दा बेहद सेंसेटिव है इसमें कोई दो राय नहीं कि जांच होनी चाहिए ताकि आरोपों पर दूध का दूध पानी की पानी हो जाए क्योंकि मुद्दा लाखों लोगों के निवेश से जुड़ा है। क्या हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में सच्चाई है? क्या वास्तव में निवेशकों के लिए अलार्म बज रहा है? इन सबके बीच यहां हम आपको वीडियो के जरिए बता रहे हैं कि भारी नुकसान के बीच भी अडानी ने चीन की परेशानी बढ़ा दी है।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
