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Modi vs Kejriwal: पीएम मोदी के ‘‘शीशमहल’’ वाले तंज पर आया केजरीवाल के जवाब, जानें क्या बोले AAP के मुखिया

Arvind Kejriwal on PM Modi's Comment: अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए कहा है कि अपने 43 मिनट के भाषण में 39 मिनट तक प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की जनता और उनके द्वारा भारी बहुमत से चुनी गई सरकार को केवल गाली दी। मोदी के ‘‘शीशमहल’’ वाले तंज पर केजरीवाल ने कहा कि मैं निजी हमले करने में शामिल नहीं होना चाहता हूं।

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केजरीवाल बनाम मोदी।

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर तीखा तंज कसा तो अब केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में काम नहीं किया, नहीं तो मोदी को ‘आप' सरकार को कोसना नहीं पड़ता। केजरीवाल ने कहा कि 'प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में ‘आपदा’ है। भाजपा आपदा का सामना कर रही है, क्योंकि उसके पास दिल्ली चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा, विमर्श या मुद्दा नहीं है।' AAP प्रमुख ने आगे कहा कि भाजपा गरीबों की दुश्मन; दिल्ली में झुग्गियां तोड़कर दो लाख से ज्यादा लोगों को बेघर कर दिया गया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने 10 साल में बहुत कुछ किया, केंद्र में भाजपा ने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में कर सकें।

पीएम मोदी के प्रहार पर केजरीवाल का पलटवार

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को यहां कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार ने दिल्ली में कोई विकास कार्य नहीं किया है, नहीं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने 43 मिनट के भाषण में से 39 मिनट तक राजधानी के लोगों और उनके द्वारा सबसे बड़े जनादेश से चुनी गई सरकार को कोसना नहीं पड़ता। दिल्ली में सत्तारूढ़ ‘आप’ सरकार पर मोदी की टिप्पणियों के जवाब में केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा केवल ‘‘व्यक्तिगत हमले’’ करने में लिप्त है। उन्होंने कहा, ‘‘आज के अपने भाषण में मोदी जी ने 39 मिनट दिल्ली की चुनी हुई सरकार और लोगों को गाली देने में ही बिताए।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पिछले 10 साल में हमारी सरकार ने जो काम किए हैं, उन्हें गिनाने के लिए दो-तीन घंटे भी कम पड़ेंगे। दूसरी तरफ, भाजपा सरकार ने ऐसा कोई काम नहीं किया है, जिसका जिक्र मोदी जी अपने भाषण में कर सकें। अगर काम किया होता तो उन्हें दिल्ली के लोगों को गाली देने की जरूरत नहीं पड़ती। पार्टी को दिल्ली के लोगों को गाली देकर चुनाव जीतने की कोशिश नहीं करनी पड़ती।’’

इससे पहले दिन में अशोक विहार में एक कार्यक्रम में मोदी ने ‘आप’ को दिल्ली के लिए ‘आपदा’ करार दिया और कहा कि इस ‘आपदा’ ने पिछले 10 वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। प्रधानमंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ‘आप’ को हराकर विजयी होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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