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मात्र 17 घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली से कोलकाता, सपने को साकार करेगा वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 15, 2023, 02:07 PM IST

Varanasi Kolkata Greenfield Expressway : सब कुछ अगर तय कार्यक्रम के हिसाब से अगर चलता रहा तो अगले कुछ वर्षों में दिल्ली से शाम को कार से निकलने वाला व्यक्ति अगले दिन लंच के समय कोलकाता पहुंच जाएगा। यह यात्रा प्रस्तावित वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से संभव हो सकेगी। इस एक्सप्रेसवे से आप दिल्ली से कोलकाता मात्र 17 घंटे में पहुंच जाएंगे।

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2026 तक एक्सप्रेसवे का काम पूरा कर लिया जाएगा।

Photo : BCCL

Varanasi Kolkata Greenfield Expressway : एक्सप्रेसवे के निर्माण ने देश में दूरियों को घटा दिया है। इसके जरिए कम समय में ज्यादा से ज्यादा दूरी तय की जाने लगी है। एक्सप्रेसवे के बढ़ते संजाल ने सड़क मार्ग से यात्रा की सहूलियतों को बढ़ा दिया है। इसी क्रम में देश में एक बड़े एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू होने जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे सड़क मार्ग से दिल्ली से कोलकाता जाने में लगने वाले समय में करीब 7 घंटे की बचत करेगा।

शाम को दिल्ली से निकले तो दोपहर में पहुंच जाएंगे कोलकाता

सब कुछ अगर तय कार्यक्रम के हिसाब से अगर चलता रहा तो अगले कुछ वर्षों में दिल्ली से शाम को कार से निकलने वाला व्यक्ति अगले दिन लंच के समय कोलकाता पहुंच जाएगा। यह यात्रा प्रस्तावित वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से संभव हो सकेगी। इस एक्सप्रेसवे से आप दिल्ली से कोलकाता मात्र 17 घंटे में पहुंच जाएंगे। अभी इस दूरी को तय करने में ज्यादा समय लगते हैं। बता दें कि एक्सप्रेसवे के निर्माण हो जाने से वाराणसी-दिल्ली की यात्रा में पहले के मुकाबले कम समय लगता है।

छह से सात घंटे कम लगेंगे

पूर्वांचल, लखनऊ-आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली-वाराणसी की दूरी तय करने में अब करीब 10 घंटे का समय लगता है। रिपोर्टों के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि 3000 करोड़ रुपए की लागत वाला वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके एक बार बनकर तैयार हो जाने पर वाराणसी से कोलकाता जाने में लगने वाले समय में छह से सात घंटे की बचत होगी। इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की मंजूरी सितंबर 2021 में ही मिल गई थी।

एक नजर में वाराणसी कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

  • एक्सप्रेसवे की लागत 3000 करोड़ रुपए
  • वाराणसी से कोलकाता की दूरी 610 किलोमीटर
  • 2026 तक इसे तैयार कर लेने का प्रस्ताव
  • अभी दोनों शहर की दूरी NH-9 से तय होती है
  • अभी वाराणसी से कोलकाता जाने में 12-14 घंटे लगते हैं
  • एक्सप्रेसवे के बन जाने पर 6-7 घंटे लगेंगे
यह एक्सप्रेसवे मोहनिया, रोहतास, सासाराम, औरंगाबाद, गया, चतरा, हजारीबाग, रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, पुरुलिया, बांकुरा, पश्चिम मेदिनीपुर, हुगली होते हुए हावड़ा पहुंचेगा।

अभी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार

डिविजनल कमिश्नर कौशल राज शर्मा का कहना है कि वाराणसी के समीप चंदौली में एक्सप्रेसवे के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है लेकिन अभी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। चंदौली के जिलाधिकारी को रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार करने के लिए कहा गया है। वाराणसी से कोलकाता जाने के लिए लोग ज्यादातर छह लेन वाले एनएच-19 का इस्तेमाल करते हैं। कही-कहीं पर यह राजमार्ग चार लेन का भी है। एनएचएआई के मुताबिक चंदौली जिले में वाराणसी रिंग रोड से इस एक्सप्रेसवे पर दाखिल हुआ जा सकेगा और यह एक्सप्रेसवे बंगाल के हावड़ा जिले के उलुबेरिया में एनएच-16 से जुड़ेगा।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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