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ADCP विवेक भगत का फर्जी AI पोस्टर वायरल करने वाला गिरफ्तार, साजिश में और लोगों के शामिल होने का शक

दिल्ली पुलिस अधिकारी विवेक भगत से जुड़े विवाद में एआई से तैयार फर्जी और आपत्तिजनक पोस्टर वायरल करने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है। पुलिस के मुताबिक, जांच में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। वहीं, विवेक भगत पर लगे कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

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Vivek Bhagat पर AI से बना फर्जी पोस्टर वायरल।

दिल्ली पुलिस के अधिकारी विवेक भगत से जुड़े विवाद में सोशल मीडिया पर एआई से तैयार किया गया एक फर्जी और आपत्तिजनक पोस्टर वायरल करने के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर इस फर्जी पोस्टर को सोशल मीडिया पर अपलोड और प्रसारित किया था। मामले की जांच में पुलिस को साजिश में कुछ और लोगों के शामिल होने का शक है।

एआई से तैयार किया गया था आपत्तिजनक पोस्टर

पुलिस के अनुसार, वायरल पोस्टर में विवेक भगत को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। दिल्ली पुलिस ने इसे एआई से तैयार और हेरफेर किया गया फर्जी कंटेंट बताया है। पुलिस ने लोगों से ऐसे पोस्ट या तस्वीरों को आगे शेयर नहीं करने की अपील भी की है और चेतावनी दी है कि इस तरह की सामग्री प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इसके बाद पुलिस को उसकी कस्टडी मिली है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी पोस्टर किसने तैयार कराया, इसे सोशल मीडिया पर किस मकसद से फैलाया गया और इसके पीछे कितने लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

असली विवाद क्या है?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान विवेक भगत पर एक महिला पत्रकार ने कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा है। तीन महिला पत्रकारों की ओर से पुलिसकर्मियों पर कथित बदसलूकी की शिकायतें सामने आई हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस ने वायरल तस्वीर को बताया फर्जी

विवेक भगत से जुड़े मामले में सोशल मीडिया पर कथित सीसीटीवी विजुअल भी प्रसारित किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने 4 अक्टूबर को फैक्ट-चेक करते हुए कहा था कि वायरल सीसीटीवी तस्वीर एआई द्वारा निर्मित/छेड़छाड़ है और लोगों को इसे प्रसारित नहीं करना चाहिए। पुलिस ने ऐसे कंटेंट को लेकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।

ऐसे में इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पहलू सामने आ रहे हैं। एक तरफ विवेक भगत पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच चल रही है, जबकि दूसरी तरफ उनके खिलाफ एआई से तैयार किए गए फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट को फैलाने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी की है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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