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Breaking News: BJP में शामिल हुए कैलाश गहलोत, एक दिन पहले छोड़ी थी आम आदमी पार्टी

Kailash Geglot News: कैलाश गहलोत ने रविवार को आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वह आज BJP में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें पार्टी की दिलाई सदस्यता।

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कैलाश गहलोत बीजेपी में शामिल।

Kailash Gehlot: आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद दिग्गज नेता व परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत सोमवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। सोमवार को वह BJP दफ्तर पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अन्य नेताओं की मौजूदगी में कैलाश गहलोत को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई। मनोहर लाल खट्टर ने कहा, हम कैलाश गहलोत का भाजपा में स्वागत करते हैं। वह दो बार विधायक रह चुके हैं। वह पेशे से वकील हैं। वह दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में अपने कामों के लिए जाने जाते हैं। वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हो रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली की राजनीति में यह महत्वपूर्ण टर्निंग प्वाइंट है।

बता दें, कैलाश गहलोत ने रविवार को आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। एक दिन पहले अरविंद केजरीवाल को भेजे गए पत्र में कैलाश गहलोत ने लिखा था कि लोगों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं में पीछे छूट गई है। लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय हम केवल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं। आप का महत्वपूर्ण चेहरा रहे गहलोत ने केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए शीशमहल जैसे कुछ शर्मनाक विवादों का भी जिक्र करते हुए कहा था कि इससे सभी को संदेह होता है कि क्या हम अब भी खुद को ‘आम आदमी’ मानते हैं।

रघुविंदर शौकीन दिल्ली कैबिनेट में शामिल

कैलाश गहलोत के इस्तीफे के बाद आप नेता रघुविंदर शौकीन को मुख्यमंत्री आतिशी ने अपनी कैबिनेट में शामिल किया है। वह दिल्ली कैबिनेट के नए मंत्री बनेंगे। आम आदमी पार्टी ने बताया कि रघुविंदर शौकीन नांगलोई जाट से विधायक हैं। कैलाश गहलोत के इस्तीफे के बाद खाली हुए पद से वह मंत्री बनेंगे।

ईडी के छापों के डर से छोड़ी आप

उधर, आप नेताओं ने कहा कि कैलाश गहलोत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामलों का सामना कर रहे हैं और उनके पास भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा, कैलाश गहलोत पर कई बार ईडी, आयकर विभाग के छापे पड़ चुके हैं। वह पांच साल तक सरकार का हिस्सा थे और भाजपा लगातार उनके खिलाफ साजिश कर रही थी, उनके पास भाजपा के साथ जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। वह अब वही दोहरा रहे हैं जो भाजपा कहती है। यह भाजपा की साजिश है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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