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दिल्ली से लेकर मुंबई और सूरत तक भारी बारिश से हाहाकार, पुणे में बिल्डिंग ढही, जानें देशभर का हाल

दिल्ली-एनसीआर में कल रात से ही बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार मूसलाधार बारिश से शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए और यातायात धीमा हो गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गरज और अधिक बारिश की चेतावनी देते हुए 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया।

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दिल्ली से लेकर मुंबई और सूरत तक, बारिश से हाहाकार

Photo : PTI

Heavy Rain Creates Havoc: मॉनसून के आगमन के साथ ही दिल्ली से लेकर मुंबई तक जमकर बारिश हो रही है। इसके साथ ही भारी बारिश ने ट्रैफिक बाधित करने के साथ ही भारी नुकसान भी पहुंचाया है। बुधवार को देश के बड़े हिस्से में भारी मानसूनी बारिश ने कहर बरपाया, जिससे अचानक बाढ़ आ गई और रेल एवं सड़क यातायात व्यापक रूप से बाधित हो गया। महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड़ में कचरे का ढेर गिरने से 11 लोग दब गए जिनमें से 9 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दिल्ली और मुंबई के कई इलाके जलभराव की चपेट में हैं।

दिल्ली-एनसीआर में कल रात से ही बारिश का सिलसिला

दिल्ली-एनसीआर में कल रात से ही बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार मूसलाधार बारिश से शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए और यातायात धीमा हो गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गरज और अधिक बारिश की चेतावनी देते हुए 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया। बुधवार दोपहर से ही राजधानी के कई इलाकों में जारी लगातार बारिश का सिलसिला गुरुवार की सुबह तक जारी है। इस बारिश के बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए दिल्ली के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसका मतलब है कि आज भी पूरे दिन रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे एक दिक्कत यह भी हुई है कि कई इलाके डूब से गए हैं।

सड़कों पर दिखा जलभराव, रेलवे स्टेशन भी प्रभावित

लगातार हुई इस तेज बारिश के कारण दिल्ली के कई निचले इलाकों में मामूली जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। मुनिरका और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत शहर के कई प्रमुख रास्तों और चौराहों पर पानी जमा होने की खबरें हैं, जिससे सुबह के समय दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना होगा। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार तड़के करीब 2:30 बजे शांत हवाओं के बीच राजधानी का न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

देश भर में भारी बारिश का दौर

उधर, गुजरात के सूरत में भी मूसलाधार बारिश हुई, जहां अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और शहर के जलभराव वाले इलाकों में ऊंची इमारतों में भोजन के पैकेट बांटे गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से बात कर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया और उन्हें केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि ये बातें केरल के वायनाड में मलबा गिरने, जम्मू के डोडा में अचानक बाढ़ और मंगलवार को महाराष्ट्र और गुजरात में हुई घातक घटनाओं और व्यापक व्यवधानों के बाद की गई हैं।

दिल्ली-मुंबई में भारी बारिश

दिल्ली-मुंबई में भारी बारिश

पुणे जिले के मोशी इलाके में इमारत ढही

महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी इलाके में इमारत ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान रातभर जारी रहा। गुरुवार सुबह 6:30 बजे तक मलबे से 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। जिन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ, सेना, दमकल और स्थानीय प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। एनडीआरएफ की 5वीं बटालियन, भारतीय सेना, पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC), फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे की लगातार तलाश कर रही हैं। हर संभावित स्थान पर सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

वायनाड में एक सुरंग परियोजना स्थल पर लापता लोगों की तलाश जारी

वायनाड में एक सुरंग परियोजना स्थल पर बारिश से भीगी मिट्टी का ढेर गिरने के बाद बुधवार को भी लापता पांच लोगों की तलाश जारी रही। केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशान ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और खोज अभियान की समीक्षा की। कुछ देर की राहत के बाद मुंबई में गरज के साथ भारी बारिश फिर से शुरू हो गई, जिससे लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं और कार्यालय जाने वालों को असुविधा हुई। पड़ोसी पालघर जिले के वसई-विरार खंड और दक्षिण गुजरात के कई स्थानों पर जलभराव के कारण महाराष्ट्र में गुजरात की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। भोर घाट खंड में भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे मार्ग पर भी परिचालन पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका।

नदियां उफान पर; महाराष्ट्र के कई इलाकों में यातायात ठप

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून का कहर जारी है। नदियां उफान पर हैं, रेल सेवाएं बाधित हैं और भूस्खलन एवं जलभराव की घटनाओं से लोगों की सुरक्षा को खतरा है। पुणे जिले के पिंपरी चिंचवाड़ में कचरे का एक विशाल ढेर तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे इमारत ढह गई। यह घटना मोशी में हुई, जहां नगर निगम की ओर से अपशिष्ट प्रसंस्करण करने वाली एक निजी कंपनी का प्रशासनिक कार्यालय था। अधिकारियों ने बताया कि शुरू में 23 लोगों के फंसे होने की आशंका थी, जिनमें से 11 अभी भी फंसे हुए हैं।

गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ा

नासिक जिले में लगातार बारिश के कारण गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, साथ ही भूस्खलन और सड़क बंद होने की भी खबरें हैं। जिला प्रशासन ने गोदावरी, कड़वा और गिरना नदियों के किनारे बसे लोगों से विभिन्न जलाशयों, जिनमें पालखेड़ और नंदुर मधमेश्वर बांध शामिल हैं, से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर अपनी कीमती वस्तुएं, पशुधन और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने बताया कि उल्हास नदी में उफान आने से पटरियों पर जलभराव हो गया, जिसके चलते रायगढ़ जिले के नेरल और कर्जत स्टेशनों के बीच रेल सेवाएं लगभग एक घंटे तक निलंबित रहीं।

मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें प्रभावित

सूत्रों के अनुसार, मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण मुंबई जाने वाली नौ उड़ानों को पास के हवाई अड्डों पर डायवर्ट किया गया। उन्होंने बताया कि सभी डायवर्ट की गई उड़ानें बाद में वापस मुंबई हवाई अड्डे पर उतरीं। मुंबई में, कुछ देर की राहत के बाद भारी बारिश और गरज के साथ तूफान फिर से शुरू हो गया, जिससे उपनगरीय रेल सेवाएं 25-30 मिनट विलंबित हुईं और कई इलाकों में जलभराव हो गया।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मुंबई के सात पेयजल जलाशयों में से एक तुलसी झील, अपने जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण मंगलवार देर रात से उफान पर आ गई। इससे कुछ घंटे पहले ही पास की विहार झील भी उफान पर आ चुकी थी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई और उसके उपनगरों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

सूरत में भारी बारिश से हाहाकार

सूरत में बुधवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 358 मिमी बारिश हुई, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। अधिकारियों ने बताया कि 3,400 से अधिक लोगों को बचाया गया और शहर के निचले इलाकों से 3,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार तक बिजली के झटके, पेड़ गिरने और डूबने की घटनाओं में बच्चों सहित नौ लोगों की मौत हो चुकी है। सूरत में कई घरों, व्यावसायिक परिसरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे वराछा के पोद्दार आर्केड में भूतल की व्यावसायिक इमारतें जलमग्न हो गईं। जलभराव के कारण शहर की बस सेवाओं सहित सार्वजनिक परिवहन बाधित हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग घुटनों तक पानी में चलते हुए दिखाई दिए।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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