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दिल्ली एयरपोर्ट से जेवर एयरपोर्ट के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर को हरी झंडी, जानिए कब तक होगा तैयार और कितना होगी लागत

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jan 24, 2024, 11:42 AM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा हवाई अड्डे के विस्तार में इसके महत्व को पहचानते हुए हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है।

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जेवर एयरपोर्ट

Photo : PTI

Rail Corridor Project: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) और निर्माणाधीन नोएडा के जेवर हवाई अड्डे को जोड़ने वाले परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। दोनों हवाई अड्डों को जोड़ने वाले एक नए रैपिड रेल कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। 16,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लक्ष्य दोनों हवाई अड्डों के बीच यात्रा के समय को घटाकर केवल 80 मिनट करना है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसके मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है।

दिल्ली हवाई अड्डे पर दबाव होगा कम

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया ने कहा कि परियोजना शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में लगभग चार साल लगेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस गलियारे से नए ग्रीनफील्ड नोएडा हवाई अड्डे को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, खासकर दिल्ली हवाई अड्डे को यात्रियों के दबाव से राहत मिलेगी।

हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा हवाई अड्डे के विस्तार में इसके महत्व को पहचानते हुए हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है। टीओआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों हवाई अड्डों के बीच कुल यात्रा का समय लगभग 80 मिनट होगा। प्रस्तावित नोएडा हवाईअड्डा लिंक गाजियाबाद स्टेशन से जुड़ेगा, जो दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट के लिए एक इंटरचेंज स्टेशन भी है। इसके अलावा यह सराय काले खां स्टेशन के जरिए निर्माणाधीन दिल्ली-अलवर रैपिड रेल से जुड़ जाएगा। दिल्ली-अलवर रेल, 2025 के बीच तक पूरी होने की उम्मीद है। इसमें आईजीआई हवाई अड्डे और एयरोसिटी का एक स्टेशन शामिल होगा।

निर्माण गतिविधियां जोरों पर

नोएडा हवाई अड्डे के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि रनवे डामरीकरण और बैगेज सिस्टम स्थापना सहित निर्माण जोरों पर हैं। साल के अंत तक हवाई अड्डे के चालू होने की उम्मीद है। नोएडा हवाई अड्डे के अधिकारी एयरपोर्ट को दिल्ली और गुड़गांव जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ने के लिए हाई-स्पीड बस कॉरिडोर सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन विकल्प तलाश रहे हैं। इस साल के अंत में अपनी पहली उड़ान के लिए निर्धारित नोएडा हवाई अड्डे ने पहले ही एयरलाइंस इंडिगो और अकासा एयर के साथ समझौता कर लिया है। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा जीता गया हवाई अड्डा, क्षेत्र के विमानन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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