देश

G20 Summit: किन इलाकों में क्या-क्या रहेगी पाबंदी, दिल्ली सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, यहां जान लें सबकुछ

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 5, 2023, 10:47 PM IST

Restrictions during G20 Summit in Delhi: दिल्ली सरकार ने G20 बैठक के दौरान लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की अधिसूचना जारी की है। सरकार की ओर से कहा गया है कि सभी प्रकार के माल वाहन, कमर्शियल वाहन, अंतरराज्यीय बसें और स्थानीय सिटी बसें 7 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे से मथुरा रोड (आश्रम चौक से आगे), भैरों रोड, पुराना किला रोड और प्रगति मैदान सुरंग के अंदर नहीं चलेंगी।

Image

जी-20 समिट

Photo : BCCL

Restrictions during G20 Summit in Delhi: दिल्ली में 9 व 10 सितंबर को होने वाली जी-20 समिट को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई मार्गों को बंद किया गया है तो कई तरह की पाबंदी भी लगाई गई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि जी-20 समिट के दौरान दिल्ली में लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं होगी और जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की है। इस बीच दिल्ली सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें दिल्ली सरकार ने G20 बैठक के दौरान लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की अधिसूचना जारी की है। सरकार की ओर से कहा गया है कि सभी प्रकार के माल वाहन, कमर्शियल वाहन, अंतरराज्यीय बसें और स्थानीय सिटी बसें 7 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे से मथुरा रोड (आश्रम चौक से आगे), भैरों रोड, पुराना किला रोड और प्रगति मैदान सुरंग के अंदर नहीं चलेंगी। यह प्रतिबंध 08 सितंबर से 10.सितंबर को रात 11:59 बजे तक जारी रहेगा।

आवश्यक वस्तुओं पर रोक नहीं

दिल्ली सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि आवश्यक वस्तुएं जैसे दूध, सब्जियां, फल, चिकित्सा आपूर्ति आदि ले जाने वाले मालवाहक वाहनों को वैध 'नो एंट्री परमिशन' के साथ दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही नई दिल्ली जिले के संपूर्ण क्षेत्र को 8 सितंबर को 5 बजे से 10 सितंबर को रात 11:59 मिनट तक 'नियंत्रित क्षेत्र-I' माना जाएगा।

ये इलाका कहलाएगा विनियमित क्षेत्र

दिल्ली सरकार ने कहा है कि रिंग रोड (महात्मा गांधी मार्ग) के अंदर के पूरे क्षेत्र को 8 सितंबर 5 बजे से 10 सितंबर रात 12 बजे तक 'विनियमित क्षेत्र' माना जाएगा। केवल वास्तविक निवासियों, अधिकृत वाहनों, आपातकालीन वाहनों और हवाई अड्डे, पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों की यात्रा करने वाले यात्रियों के वाहनों को नई दिल्ली जिले के सड़क नेटवर्क पर चलने की अनुमति होगी। किसी भी टीएसआर और टैक्सी को 9 सितंबर को 5 बजे से 10 सितंबर 12 बजे तक नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने या चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली में पहले से मौजूद बसों सहित सभी प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों को रिंग रोड और सड़क नेटवर्क पर रिंग रोड से आगे दिल्ली की सीमाओं की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article