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Delhi Flood Alert: दिल्ली में फिर से बाढ़ का खतरा, यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार; जानिए कब होगी बारिश

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 23, 2023, 07:17 AM IST

Delhi Weather Latest Update: यमुना नदी का जलस्तर फिर से तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह चार बजे यमुना पुल पर नदी का जलस्तर 205. 36 मीटर दर्ज किया गया था। सुबह पांच बजे जलस्तर 205.50 मीटर हो गया और 6 बजे यह बढ़कर 205.75 पहुंच गया, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर है।

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खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना (स्क्रीन ग्रैब)

Photo : ANI

Delhi Weather Latest Update: दिल्ली-NCR में मौसम साफ है। लोग भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। कई इलाकों से पिछले दिनों आई बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह से हटा भी नहीं है कि फिर से राजधानी दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, यहां यमुना नदी एक बार फिर से उफान पर है और यहां जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है।

जानकारी के मुताबिक, हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी का जलस्तर फिर से तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह चार बजे यमुना पुल पर नदी का जलस्तर 205. 36 मीटर दर्ज किया गया था। सुबह पांच बजे जलस्तर 205.50 मीटर हो गया और 6 बजे यह बढ़कर 205.75 पहुंच गया, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर है। अगर जलस्तर 206.7 मीटर तक जाता है तो यमुना के खादर इलाकों में फिर से बाढ़ आ सकती है।

कल छोड़ा गया है कई लाख क्सूसेक पानी

पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज ओवरफ्लो हो रहा है। ऐसे में यहां से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। हथिनी कुंड बैराज से शनिवार सुबह नौ बजे 1 लाख 47 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके एक घंटे बाद 10 बजे यहां से 2 लाख 9 हजार क्यूसेक और 11 बजे 2 लाख 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।

दिल्ली में कल से मिल सकती है राहत

दिल्ली-NCR के लोगों को भीषण उमस से कल से राहत मिलने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इस दौरान सामान्य तौर पर आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। हालांकि, कल से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और परा 36 से 35 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ जहगों पर गरज के साथ हल्की बारिश के भी आसार जताए जा रहे हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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