देश

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और के. कविता से ED की याचिका पर मांगा जवाब

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को अरविंद केजरीवाल और BRS नेता के. कविता समेत प्रमुख आप नेताओं को निर्देश जारी किया कि वे निचली अदालत के फैसले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चुनौती का जवाब दें।

Image

केजरीवाल और के. कविता से ED की याचिका पर कोर्ट ने मांगा जवाब

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आबकारी नीति से संबंधित कथित धनशोधन मामले में अधीनस्थ अदालत के एक आदेश को चुनौती देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर की गयी याचिका पर बुधवार को अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई नेताओं और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता से जवाब मांगा। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने ईडी की याचिका और मामले में स्थगन की उसकी अर्जी पर सभी 40 आरोपियों को नोटिस जारी किये। उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तारीख तय की।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल, आप नेताओं- मनीष सिसोदिया एवं संजय सिंह तथा कई कारोबारी इस मामले में आरोपियों में शामिल हैं। नवंबर में अधीनस्थ अदालत ने ईडी को निर्देश दिया था कि वह मामले के आरोपियों को आरोपपत्र और शेष अपुष्ट दस्तावेजों (जिनका उपयोग अभियोजन पक्ष अपने मामले के समर्थन में नहीं कर रहा है) के डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराए। ईडी के वकील ने (उच्च न्यायालय में) कहा कि अधीनस्थ अदालत ने दस्तावेजों की जांच के चरण में ईडी को आरोपियों को अपुष्ट दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि लेकिन शीर्ष अदालत के निर्देश के मुताबिक इस चरण में अपुष्ट दस्तावेज नहीं बल्कि उनकी सूची उपलब्ध करायी जानी है।

भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद 2022 में नीति को कर दिया गया था रद्द

उच्च न्यायालय को सूचित किया गया कि अधीनस्थ अदालत में लंबित मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और ईडी के अनुसार, आबकारी नीति में संशोधन करते समय कथित तौर पर अनियमितताएं की गईं और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 को यह नीति लागू की थी तथा बाद में भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद सितंबर 2022 में इसे रद्द कर दिया। आबकारी नीति लागू करने में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना की ओर से सिफारिश किए जाने के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। धनशोधन का मामला इसी पर आधारित है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article