Tejashwi Yadav : आईआरसीटीसी स्कैम (IRCTC scam) में मंगलवार को बिहार के डिप्टी सीएम एवं राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की कोर्ट में पेशी हुई। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि तेजस्वी यादव की जमानत खारिज करने की कोई ठोस वजह नहीं है। इसलिए वह उनकी जमानत खारिज नहीं कर सकता लेकिन कोर्ट ने हिदायत देते हुए राजद नेता से कहा कि सार्वजनिक जगहों पर अपनी बात रखते हुए वह जिम्मेदारी पूर्वक और काफी सोच-समझकर शब्दों का इस्तेमाल करें।
कोर्ट बाद में सुनाएगा विस्तृत फैसला
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अभी वह कोई फैसला नहीं सुनाएगा। वह अपना आदेश सुरक्षित रख रहा है। इस पर विस्तृत आदेश वह बाद में जारी करेगा। अदालत ने तेजस्वी से सावधानी पूर्वक शब्दों का चयन करने के लिए कहा। कोर्ट में सुनवाई के दौरान तेजस्वी के वकीलों ने कहा कि उनके मुवक्किल (तेजस्वी) विपक्ष में हैं और सरकार की नीतियों एवं 'गलत कार्यों' पर सवाल उठाना उनका कर्तव्य है। केंद्र की मौजूदा सरकार सीबीआई एवं ईडी का गलत इस्तेमाल कर रही है। विपक्ष के सभी दलों का ऐसा ही मानना है।
सीबीआई ने जमानत अर्जी खारिज करने की अर्जी दी है
बता दें कि आईआरसीटीसी घोटाले में जमानत पर चल रहे तेजस्वी यादव की जमानत खारिज करने के लिए सीबीआई ने कोर्ट में अपनी अर्जी दी है। सीबीआई ने अपनी अर्जी में कहा कि राजद नेता ने उसके अधिकारियों के बारे में जो बातें कही हैं, वे उन्हें डराने एवं धमकाने जैसा है। आईआरसीटीसी घोटाले में तेजस्वी एवं उनकी माता राबड़ी देवी को अगस्त 2018 में इस केस में जमानत मिली।
क्या है मामला
जांच एजेंसी ने इस मामले में 12 लोगों एवं दो कंपनियों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि साल 2006 में पुरी में रांची में आईआरसीटीसी के दो होटलों के ठेके के आवंटन में नियमों को अनदेखा करते हुए अनियमितता बरती गई। आरोप है कि ये ठेके एक निजी कंपनी को तीन एकड़ का कॉमर्शियल प्लॉट (रिश्वत के रूप) लेकर दिए गए। यह प्लॉट पटना के प्राइम लोकेशन पर है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।
