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तिहाड़ जेल की सलाखों में फिर कैद हुए केजरीवाल, 21 दिन की अंतरिम जमानत के बाद किया सरेंडर; जानें बड़ी बातें

Delhi News: अरविंद केजरीवाल ने रविवार को अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने के बाद तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। उन्होंने आत्मसमर्पण से पहले दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और सीपी स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किये। उन्होंने जेल जाने से पहले पार्टी कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

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अरविंद केजरीवाल ने किया सरेंडर।

Photo : Times Now Digital

Arvind Kejriwal Surrender: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। यानी अब वो दोबारा जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं। केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 10 मई को अंतरिम जमानत दी थी। जिसकी अवधि खत्म होने के बाद उन्होंने रविवार को आत्मसमर्पण किया।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने किया सरेंडर

21 दिनों तक जेल से बाहर रहने के बाद अरविंद केजरीवाल एक बार फिर तिहाड़ पहुंच चुके हैं। उन्होंने आज (2 जून, 2024) को आत्मसमर्पण किया। केजरीवाल के सरेंडर से पहले तिहाड़ जेल के बाहर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और बैरिकेड लगाए गए थे। अरविंद केजरीवाल गेट नंबर 1 पर पहुंचे और यहीं से उन्होंने जेल में एंट्री ली।

सरेंडर करने से पहले केजरीवाल ने क्या किया?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने से पहले राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। राजघाट पर केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता थे, जिनमें दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत, आतिशी और सौरभ भारद्वाज, राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और संदीप पाठक समेत अन्य नेता शामिल थे। मुख्यमंत्री अपराह्न करीब तीन बजे राजघाट पहुंचे।

'मेरे शरीर की एक-एक बूंद देश के लिए है'

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक राउज एवेन्यू रोड स्थित पार्टी कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि मेरे शरीर की एक-एक बूंद देश के लिए है। मेरे जीवन का एक-एक पल इस देश के लिए है। हम भगत सिंह के चेले हैं। भगत सिंह देश को आज़ाद कराने के लिए जेल गये थे, मैं देश बचाने के लिए जेल जा रहा हूं। भगत सिंह भी फांसी चढ़ गये थे, मैं भी फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं। इस बार पता नहीं मैं कब वापस आऊंगा और मेरे साथ जेल में ये लोग क्या करेंगे। लेकिन मैं झुकूंगा नहीं।

जेल जाने से पहले केजरीवाल ने क्या कहा?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट ने 21 दिन की मोहल्लत दी थी मैं उनका तहे दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। मैं 21 दिन में से 1 मिनट भी खराब नहीं किया यह मेरे लिए बहुत विस्मरणीय है। मैंने सारी पार्टियों के लिए प्रचार किया। देश को बचाने के लिए प्रचार किया। देश महत्वपूर्ण है आम आदमी पार्टी दूसरे नंबर पर है।

केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का जताया आभार

भाजपा की दिल्ली इकाई ने केजरीवाल के खिलाफ राजघाट के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले दिन में केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर मैं 21 दिन चुनाव प्रचार के लिए बाहर आया। माननीय उच्चतम न्यायालय का बहुत-बहुत आभार।'

केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 10 मई को अंतरिम जमानत दी थी। यह अवधि एक जून को समाप्त हो गई, जिसके बाद उन्होंने तिहाड़ में सरेंडर कर दिया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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