Delhi Coaching Center incident: दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसे पर लंबे पॉलिटिकल ड्रामे के बाद आखिरकार दिल्ली के मुख्य सचिव ने मंत्री आतिशी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग संस्थान ने ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह से बंद कर दिया है और इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी नहीं किए थे। बता दें, सोमवार रात आतिशी ने दावा किया था कि हादसे के 40 घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य सचिव ने उन्हें रिपोर्ट नहीं सौंपी।
दिल्ली मंत्री आतिशी ने इस बाबत मुख्य सचिव को एक पत्र भी लिखा था। आतिशी ने अपने पत्र में कहा था कि दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग संस्थान की घटना के तुरंत बाद मैंने मजिस्टीरिल जांच के आदेश दिए थे और मुख्य सचिव को 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। हालांकि, 40 घंटे बाद भी मुझे रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने अपने पत्र में रात 10 बजे तक मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
मुख्य सचिव की रिपोर्ट में क्या-क्या?
दिल्ली कोचिंग हादसे पर मुख्य सचिव की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में कोचिंग संस्थान के साथ-साथ आधिकारिक लापरवाही को भी उजागर किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोचिंग संस्थान ने जल निकासी को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था और इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी नहीं किए थे। संस्थान की पार्किंग का रास्ता सीधे सड़क से जुड़ा हुआ है और भारी बारिश की स्थिति में पानी स्टॉर्मवॉटर ड्रेन में जाने के बजाय सीधे इस पार्किंग क्षेत्र में प्रवेश करता है। इसके अलावा सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से कोई सतर्कता नहीं बरती गई, जिसके परिणामस्वरूप पानी बिना रुके पार्किंग क्षेत्र को पार कर बेसमेंट में घुस गया और आखिरकार तीन होनहार बच्चों की जान ले ली।
जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्य सचिव की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ओल्ड राजेंद्र नगर की ड्रेनेज प्रणाली के रखरखाव के लिए जिम्मेदार सहायक अभियंता (एम-1)/केबीजेड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और जूनियर इंजीनियर (एम-1)/केबीजेड की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गई हैं। कार्यकारी अभियंता (एम-1) को घटना पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
