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Delhi Blast: आगरा तक पहुंचे दिल्ली धमाके के तार, लखनऊ से हिरासत में लिया गया शाहीन का भाई डॉ. परवेज

सूत्रों का कहना है, डॉ. परवेज ने 2015 में SN मेडिकल कॉलेज आगरा से MD की थी और 2016 तक सीनियर रेजिडेंट के तौर पर कार्य किया था। अब एजेंसियां एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के पुराने रिकॉर्ड खंगालेंगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि डॉ. परवेज का आगरा से अब भी कोई संपर्क था या नहीं।

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लाल किले के पास 10 नवंबर को कार में हुआ विस्फोट। तस्वीर-PTI

Delhi Blast: दिल्ली धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसमें नए खुलासे हो रहे हैं और धमाके के तार कई अन्य शहरों से जुड़ रहे हैं। अब दिल्ली धमाके की जांच आगरा तक पहुंच गई है। खुफिया एजेंसियों ने SN मेडिकल कॉलेज आगरा से MD करने वाले डॉ. परवेज अंसारी को लखनऊ से हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार डॉ. परवेज की बहन डॉ. शाहीन धमाके की संदिग्ध बताई जा रही है। बताया जा रहा है धमाका अल-फलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के जैश से जुड़े डॉ. उमर मोहम्मद ने किया था।

डीएनए जांच के लिए उमर के परिजनों को बुलाया

लाल किले के मेट्रो गेट नंबर एक के पास सोमवार शाम आई-20 कार में विस्फोट हुआ। समझा जाता है कि इस धमाके में उमर की मौके पर मौत हो गई। कार के अंदर से उसके शरीर के टुकड़े बरामद हुए। DNA जांच के लिए उमर के परिजनों को जम्मू से बुलाया गया है। जांच एजेंसियों ने अब अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन को भी संदेह के घेरे में लिया है।

आगरा के पुराने रिकॉर्ड खंगालेंगी एजेंसियां

सूत्रों का कहना है, डॉ. परवेज ने 2015 में SN मेडिकल कॉलेज आगरा से MD की थी और 2016 तक सीनियर रेजिडेंट के तौर पर कार्य किया था। अब एजेंसियां एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के पुराने रिकॉर्ड खंगालेंगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि डॉ. परवेज का आगरा से अब भी कोई संपर्क था या नहीं।

आतंकियों में फैली घबराहट और हताशा

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली विस्फोट दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में कई स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद आतंकियों में फैली घबराहट और हताशा के कारण किया गया हो सकता है। यह आशंका सुरक्षा एजेंसियों ने शुरुआती जांच के आधार के पर जताई है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक छापेमारी की ये गतिविधियां उन संदिग्धों को पकड़ने के लिए की गई थी, जिनके आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा होने की आशंका थी।

बम समय से पहले ही फट गया था!

वरिष्ठ सुरक्षा सूत्रों ने यह भी कहा कि बम समय से पहले ही फट गया था और पूरी तरह तरह से तैयार नहीं था जिसकी वजह से इसका प्रभाव सीमित रहा। सुरक्षा आकलन में कहा गया है कि विस्फोट से कोई गड्ढा नहीं बना और न ही मौके पर कोई छर्रे या धमाका करने वाले उपकरण मिले। संदिग्ध मॉड्यूल पर ‘अखिल भारतीय सतर्कता और समन्वित कार्रवाई’के कारण एक बड़ा हमला टल गया है। सूत्रों ने बताया कि विस्तृत जांच से स्पष्ट हो पाएगा कि यह पूर्व नियोजित था या आकस्मिक।

संदिग्धों ने बढ़ते दबाव के चलते जल्दबाजी में कदम उठाया

उन्होंने बताया कि दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और पुलवामा में कई स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई छापेमारी में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए, जिसके कारण माना जा रहा है कि संदिग्धों ने बढ़ते दबाव के चलते जल्दबाजी में कदम उठाया। सूत्रों ने बताया कि 9 और 10 नवंबर को सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बाद तीन चिकित्सकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2,900 किलोग्राम बम बनाने की सामग्री जब्त की गई। सूत्रों ने बताया कि संदिग्धों ने आत्मघाती कार बम विस्फोट के अबतक देखे गए तरीके का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने बताया कि संदिग्धों ने न तो कार को किसी लक्ष्य से भिड़ाया और न ही जानबूझकर टक्कर मारी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह विस्फोट आत्मघाती हमला न होकर आकस्मिक हो सकता है।

धमाके में 12 लोगों की मौत, 20 अन्य घायल

सूत्रों ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि आतंकी मॉड्यूल ने संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) सही तरीके से तैयार नहीं किया था, जिसके कारण चलती कार में विस्फोट हो गया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही कार में धमाका हुआ था। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हो गए। धमाके की चपेट में आने कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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