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Delhi Weather: दिल्ली में फिर जहरीली हुई हवा, वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में बनी रही

Delhi Air Quality: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हवा जहरीली हो गई है। जानकारी के मुताबिक वायु गुणवत्ता ‘गंभीर' श्रेणी में बनी रही। दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है, जो सर्दियों के दौरान हवा की गति कम होने के कारण और भी अधिक गंभीर हो जाती है।

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फिलहाल कैसे हैं दिल्ली का मौसम?

Photo : iStock

Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 429 दर्ज किया गया जो ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में आता है। इसमें पीएम 2.5 की अधिक मात्रा रही, जो सूक्ष्म कण पदार्थ है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। दिल्ली के 36 निगरानी केंद्रों में से 14 ने वायु गुणवत्ता का स्तर ‘अति गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया, जिसमें एक्यूआई 450 से अधिक था।

अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस किया गया दर्ज

शेष केंद्रों पर एक्यूआई का स्तर 401 से 450 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था। दिन की शुरुआत ठंडी और धुंध भरी सुबह के साथ हुई और इसके साथ ही पूरे दिन आर्द्रता का स्तर 95 प्रतिशत से 71 प्रतिशत के बीच रहा।

जहरीली हवा से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद

दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है, जो सर्दियों के दौरान हवा की गति कम होने के कारण और भी अधिक गंभीर हो जाती है। चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के अनुसार, राजधानी की वायु गुणवत्ता वर्तमान में तीसरे चरण (गंभीर) के अंतर्गत है, जहां एक्यूआई 401 से 450 के बीच होता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सप्ताहांत में घने कोहरे का अनुमान जताया है, जिससे दृश्यता और खराब हो सकती है तथा पहले से ही खतरनाक स्थिति में पहुंची वायु गुणवत्ता और भी खराब हो सकती है। आईएमडी ने 26 दिसंबर के लिए दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताते हुए पूर्वानुमान जारी किया है, बारिश से जहरीली हवा से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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