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बिपरजॉय तूफान को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुख से बात की

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 14, 2023, 05:28 PM IST

Cyclone Biparjoy: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया, बिपरजॉय को लेकर तीनों सेना प्रमुखों से बात की। उन्होंने कहा, इस दौरान लैंडफॉल से होने वाले खतरे से बचने के लिए सशस्त्र बलों की तैयारियेां की समीक्षा की। चक्रवात के कारण किसी भी स्थिति या आकस्मिकता से निपटने के लिए सशस्त्र बल नागरिकों की हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

Photo : ANI

Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय काफी खतरनाक होता जा रहा है। इस तूफान के गुरुवार को गुजरात के कच्छ से टकराने की संभावना है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि चक्रवाती तूफान कच्छ के तट से टकराने के बाद काफी खतरनाक रूप अख्तियार कर सकता है। इस दौरान हवाओं की गति 135 से 150 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो सकती है।

इस बीच केंद्र सरकार ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है। एनडीआरएफ की कई टीमों को कच्छ, सौराष्ट्र में उतारा गया है। वहीं सेना के तीनों अंगों को भी स्टैंडबाय में रखा गया है। बुधवार को बिपरजॉय से होने वाले खतरे के मद्देनजर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीनों सेना प्रमुखों से बात की।

रक्षामंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया, बिपरजॉय को लेकर तीनों सेना प्रमुखों से बात की। उन्होंने कहा, इस दौरान लैंडफॉल से होने वाले खतरे से बचने के लिए सशस्त्र बलों की तैयारियेां की समीक्षा की। चक्रवात के कारण किसी भी स्थिति या आकस्मिकता से निपटने के लिए सशस्त्र बल नागरिकों की हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।

एनडीआरएफ के लिए बड़ी चुनौती

चक्रवात बिपरजॉय के कारण होने वाले नुकसान को कम से कम करने के लिए एनडीआरएफ ने कमर कस ली है। एनडीआरएफ के लिए यह बड़ी चुनौती मानी जा रही है। अब तक की गई तैयारियों के तहत गुजरात ओर महाराष्ट्र में 45 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। केवल गुजरात में एनडीआरएफ की 21 टीमें तैनात हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में 12 टीमें तैनात की गई हैं।

द्वारिकाधीश मंदिर कल तक के लिए बंद

चक्रवात के खतरे को देखते हुए द्वारिकाधीश मंदिर को कल तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा द्वारका धाम के ध्वज को भी पांच दिन तक बदलने पर रोक लगा दी गई है, जबकि इसका ध्वज रोज बदला जाता है। कहा जा रहा है कि इतिहास में यह पहली बार है, जब मंदिर के ध्वज को नहीं बदला जाएगा। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को तेज हवा के चलते ध्वज फट गया था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तव author

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रक... और देखें

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