भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और रूपांतरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के सचिव को तीनों सेनाओं के लिए संयुक्त निर्देश और संयुक्त आदेश जारी करने की अनुमति दे दी है।अब तक जिन मामलों में दो या अधिक सेनाओं की भागीदारी होती थी, उनमें प्रत्येक सेवा अलग-अलग निर्देश या आदेश जारी करती थी। लेकिन अब एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए यह अधिकार CDS और DMA सचिव को सौंपा गया है।
24 जून 2025 को जारी पहला संयुक्त आदेश 'संयुक्त निर्देशों और आदेशों की स्वीकृति, प्रसार और क्रम निर्धारण' प्रक्रियाओं को सरल बनाने, दोहराव खत्म करने और तीनों सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
यह पहल सशस्त्र बलों के संचालन में पारदर्शिता, समन्वय और प्रशासनिक दक्षता को सशक्त करेगी। इसके साथ ही, यह तीनों सेनाओं के बीच 'संयुक्तता' और 'एकजुटता' के नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जो राष्ट्र सेवा के साझा लक्ष्य को और मजबूत करता है। दिसंबर 2019 में भारत सरकार ने CDS पद एवं इसके अधीन सैन्य मामलों का विभाग (DMA) का गठन किया था। इसका मुख्य उद्देश्य तीनों सेवाओं में जॉइंट प्लानिंग, ट्रेनिंग, स्टाफिंग और कमांड स्ट्रक्चर को एकीकृत करना था।
उस समय यह कदम 'सेनाओं में व्यापक समन्वय और संसाधनों का अधिकतम संयोजन' लाने की दिशा में उठाया गया था और अब इसके तहत NDA के तहत आदेश जारी करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से सशक्त बनाया गया है।
