Air Force Foundation Day: भारतीय वायुसेना इस साल पहली बार चंडीगढ़ में अपना 90 वां स्थापना दिवस मना रही है। 8 अक्टूबर को चंडीगढ़ में भारतीय वायुसेना विशेष परेड और एरियल डिस्प्ले का आयोजन करेगी जिसमें लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर, रफाल, चिनूक, मिराज, सुखोई समेत भारतीय वायुसेना के 74 अलग-अलग कैटेगरी के विमान शामिल होंगे जबकि 9 विमान स्टैंड बाय पर रखे जाएंगे। इस साल भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस का थीम है "आत्मनिर्भर भारतीय वायुसेना, ट्रांसफॉर्मिंग फॉर फ्यूचर"।
LAC के समीप सभी तरह के फाइटर जेट्स तैनात
अपने स्थापना दिवस से पहले भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर, आयोजन की जानकारी दी। एयर चीफ ने इस मौके पर कहा कि भारतीय वायु सेना मौजूदा चुनौतियों के लिए लगातार तैयार है और आने वाले बदलावों के हिसाब से खुद को फ्यूचर रेडी कर रही है। एलएसी हो या फिर पश्चिमी बॉर्डर भारत की वायु सेना हर खतरे के लिए तैयार है इस मौके पर टाइम्स नाउ के सवाल का जवाब देते हुए एयर चीफ ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर कई बार चीन की वायुसेना के विमान बेहद भारत की सीमा के बेहद करीब पहुंचते हैं जिनके जवाब में भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट तुरंत एक्टिव हो जाते हैं सभी तरह के फाइटर जेट इस इलाके में तैनात किए गए हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए भारतीय वायुसेना अपने रडार, ड्रोन और एसेट्स में भी इजाफा कर रही है, जिसके चलते चीन को भारतीय वायु सेना की तरफ से संदेश दिया जा चुका है कि एलएसी पर किसी भी तरह की चालबाजी उसे महंगी पड़ सकती है।
नए सीडीएस के आने के बाद इंटीग्रेशन पर काम तेज हुआ
भारतीय वायु सेना प्रमुख का कहना है कि हिंडन से चंडीगढ़ में स्थापना दिवस समारोह मनाने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि पूरे देश में भारतीय वायुसेना के फ्लाईपास्ट को लोग देख सकें और हर साल अब अलग-अलग जगहों पर यह आयोजन किया जाएगा। भारतीय वायुसेना प्रमुख ने इस मौके पर एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि नए सीडीएस के आने के बाद एक बार फिर से सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच इंटीग्रेशन का काम तेज हो गया है और भारतीय वायु सेना इस काम में सहयोग करेगी लेकिन वह नहीं चाहती कि किसी भी तरह डिसीजन मेकिंग की चेन लंबी हो और यह भारतीय वायु सेना के डॉक्टरीन के साथ मेल खाए लिहाजा भारतीय वायुसेना अपने मूल्यों के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता किए बिना इंटीग्रेशन का काम चाहती है और इसके लिए वह पूरी तरह से सहयोग करेगी।
अगले दशक के मध्य तक देश में 36 स्क्वाड्रन होंगे
भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन स्ट्रैंथ के बारे में वायु सेना प्रमुख ने कहा कि अगले दशक के मध्य तक भारत में 35 से 36 स्क्वाड्रन होंगे और तेजी से नए विमानों के इंडक्शन का काम किया जा रहा है। एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने यह भी बताया कि अगले साल से भारतीय वायु सेना में महिला अग्निवीरों की भर्ती शुरू हो जाएगी और पहले चरण में 10 फीसदी महिला अग्निवीर भारतीय वायु सेना का हिस्सा बनेगी। महिला अग्निवीर भारतीय वायु सेना में किस ट्रेड में जाएंगी इस पर अभी भारतीय वायुसेना विचार कर रही है।
