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अजरबैजान एयरलाइंस के विमान हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ी, 38 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

Azerbaijan Airlines Plane Crash: कजाकिस्तान के अक्तौ शहर के पास अजरबैजान एयरलाइंस के एक यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। विमान में 62 यात्री और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे, जिसे अक्तौ से करीब तीन किलोमीटर दूर आपातकालीन लैंडिंग के लिए मजबूर होना पड़ा।

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अजरबैजान एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त।

World News: कजाकिस्तान में अकताऊ शहर के निकट अजरबैजान एयरलाइंस का एक विमान बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे 38 लोगों की मौत हो गई। कजाकिस्तान के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रूस की समाचार एजेंसी ‘इंटरफैक्स’ के अनुसार, उपप्रधानमंत्री कनात बोजुम्बायेव ने अजरबैजान के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मृतकों की संख्या का खुलासा किया। अजरबैजान के महाभियोजक कार्यालय ने पहले कहा था कि विमान में सवार 67 लोगों में से 32 लोग बच गए हैं।

अजरबैजान एयरलाइंस के विमान हादसे में 38 लोगों की मौत

अजरबैजान एयरलाइंस ने पहले कहा था कि उसके ‘द एंब्रेयर’ 190 विमान को आपात स्थिति में शहर से तीन किलोमीटर दूर उतरना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि विमान ने अजरबैजान की राजधानी बाकू से रूस के शहर ग्रोंजी के लिए उड़ान भरी थी। रूस की संघीय हवाई परिवहन एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रारंभिक सूचना से पता चलता है कि विमान से एक पक्षी के टकराने के बाद पायलट ने विमान को अकताऊ की ओर मोड़ने का फैसला किया और आपात स्थिति में उसे उतारना पड़ा। कजाकिस्तान के आपात स्थिति संबंधी मंत्रालय ने ‘टेलीग्राम’ पर जारी एक बयान में कहा कि विमान में सवार लोगों में चालक दल के पांच सदस्य शामिल थे। मंत्रालय ने ‘रिया नोवोस्ती’ को बताया कि दो बच्चों समेत कुल 29 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

रूस की एक अन्य समाचार एजेंसी ‘इंटरफैक्स’ ने चिकित्साकर्मियों के हवाले से अपनी खबर में बताया कि चार शव बरामद कर लिये गए हैं तथा घटनास्थल पर मौजूद आपात सेवा के कर्मियों ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार दोनों पायलट दुर्घटना में मारे गए हैं। अजरबैजान के महाभियोजक कार्यालय ने बताया था कि दुर्घटना में कम से कम 32 लोगों की जान बच गयी तथा यह संख्या अंतिम नहीं है। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। अजरबैजान एयरलाइंस के अनुसार, विमान में सवार 42 यात्री अजरबैजान के नागरिक थे। इसके अलावा इसमें 16 रूसी नागरिक, कजाकिस्तान के छह और किर्गिस्तान के तीन नागरिक भी थे।

कजाकिस्तान में हुए विमान हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में विमान के तेजी से नीचे गिरते हुए दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में लोग अल्लाह से रहम की दुआ करते सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में विमान को तेजी से जमीन पर गिरते देखा गया

ऑनलाइन सामने आई मोबाइल फोन से बनाई गई वीडियो में विमान को तेजी से जमीन पर गिरते और उसमें आग लगते देखा जा सकता है। एक अन्य फुटेज में विमान का पिछला हिस्सा पंखों से अलग होते हुए और बाकी हिस्सा घास में उल्टा पड़ा हुआ दिखा। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में जीवित बचे लोगों को विमान के मलबे से साथी यात्रियों को खींचते हुए देखा जा सकता है। ‘फ्लाइटरडार24’ ने अलग से एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा कि विमान को ‘‘जीपीएस जैमिंग’’ का सामना करना पड़ा, जिससे “विमान गलत एडीएस-बी डेटा भेज रहा था।’’ अजरबैजान एयरलाइंस ने एक बयान में कहा कि वह जनता को ताजा जानकारी देती रहेगी।

अजरबैजान की सरकारी समाचार एजेंसी, ‘अजरटैक’ ने कहा कि अजरबैजान के आपात विभाग के मंत्री, देश के उप महाभियोजक और अजरबैजान एयरलाइंस के उपाध्यक्ष सहित एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल को ‘‘मौके पर जांच’’ के लिए अकताऊ भेजा गया है। राष्ट्रपति की प्रेस सेवा ने बताया कि अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव सेंट पीटर्सबर्ग की यात्रा पर थे और वह दुर्घटना की खबर सुनकर अजरबैजान लौट आये। अलीयेव ने सोशल मीडिया पर एक बयान में पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, ‘‘मैं बहुत दुख के साथ पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’ उन्होंने 26 दिसंबर को अजरबैजान में शोक दिवस घोषित करने संबंधी एक आदेश पर भी हस्ताक्षर किए।

रूसी राष्ट्रपति भवन ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं को बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलीयेव से फोन पर बात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। कजाकिस्तान और अजरबैजान दोनों के अधिकारी इस दुर्घटना की जांच कर रहे हैं। विमान निर्माता कंपनी एंब्रेयर ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को दिए एक बयान में कहा कि कंपनी “सभी संबंधित अधिकारियों की सहायता के लिए तैयार है।’’

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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