देश

Death Due To Flood: 2012 से 2021 के बीच बाढ़ और भारी बारिश से 17000 से अधिक लोगों की मौत

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jul 31, 2023, 08:31 PM IST

Death Due To Flood: जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा- "कम अवधि की उच्च तीव्रता वाली बारिश की बढ़ती घटनाएं मुख्य रूप से शहरी बाढ़ के लिए जिम्मेदार हैं, जो अनियोजित विकास, प्राकृतिक जल निकायों के अतिक्रमण और खराब जल निकासी प्रणाली के कारण और बढ़ जाती हैं।

Image

भारत में बाढ़ से कितनों की मौत

Photo : PTI

Death Due To Flood: भारत में हर साल कई राज्यों को बाढ़ और भारी बारिश का प्रकोप झेलना पड़ता है। उत्तर बिहार से लेकर हिमाचल तक और कश्मीर से लेकर केरल तक पिछले कुछ सालों में बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बिहार, हिमाचल, उत्तराखंड तो लगभग हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। बाढ़ और बारिश के कारण हर साल सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है। साथ ही आर्थिक क्षति भी जमकर होती है।

10 साल में कितनी मौतें

मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों का उन मौतों का आंकड़ा संसद में दिया है, जिनकी मौत बाढ़ और बारिश के कारण हुई है। यह आंकड़ा हैरान कर देने वाला है।सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में 2012 से 2021 के बीच बाढ़ और भारी बारिश से 17,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

सरकार ने क्या कहा

जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा- "कम अवधि की उच्च तीव्रता वाली बारिश की बढ़ती घटनाएं मुख्य रूप से शहरी बाढ़ के लिए जिम्मेदार हैं, जो अनियोजित विकास, प्राकृतिक जल निकायों के अतिक्रमण और खराब जल निकासी प्रणाली के कारण और बढ़ जाती हैं।

टुडू द्वारा सदन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2012 से 2021 तक बाढ़ और भारी बारिश के कारण 17,422 मौतें हुईं।"

कितने का हुआ नुकसान

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों (ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों) में भारी बारिश और बाढ़ के कारण नुकसान पर केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा राज्यवार आंकड़े संकलित किए गए हैं। इसके अनुसार फसलों, घरों सहित कुल नुकसान 2,76,004.05 करोड़ रुपये का है। टुडू ने कहा कि बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में शहरी बाढ़ से निपटने के लिए भूजल पुनर्भरण और अन्य प्रकृति-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा कई पहल की गई हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article