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सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं रहेगा चक्रवात Biparjoy, जानिए आपके शहर को कब और कैसे करेगा प्रभावित

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 14, 2023, 08:30 PM IST

Cyclone Biparjoy Update: चक्रवाती तूफान सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग कहना है कि चक्रवाती तूफान कई राज्यों में अपना असर दिखाएगा। राजस्थान में भारी बारिश तो मध्य प्रदेश में वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा गोवा के तटों पर भी लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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Cyclone Biparjoy

Photo : BCCL

Cyclone Biparjoy Update: चक्रवात बिपरजॉय काफी खतरनाक होता जा रहा है। जैसे-जैसे यह आगे बढ़ रहा है, गुजरात तट पर हवाओं की रफ्तार भी तेज होती जा रही है। इतना ही नहीं समुद्री लहरें भी प्रचंड होती जा रही हैं। अब इस तूफान को गुजरात तट से टकराने में 24 घंटे से भी कम का समय बचा है, ऐसे में एनडीआरएफ, बीएसएफ और तीनों सेनाओं ने अपनी कमर कस ली है।

तटीय क्षेत्रों से करीब 45 हजार लोगों को सुरक्षित निकाल कर आश्रय स्थलों में शिफ्ट किया गया है। चक्रवाती तूफान को कम से कम करने के लिए पूरे गुजरात और महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की करीब 33 टीमें तैनात की गई हैं। इस बीच अगर आपको ऐसा लग रहा है कि यह चक्रवाती तूफान सिर्फ गुजरात तक सीमित रहेगा, तो ऐसा नहीं है। मौसम विभाग कहना है कि चक्रवाती तूफान कई राज्यों में अपना असर दिखाएगा।

राजस्थान में गरज के साथ होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान के गुजरात तट से टकराने के बाद 15 जून राजस्थान के जोधपुर और उदयपुर संभाग में गरज के साथ बारिश होगी। 16 जून को दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 17 जून तक जोधपुर, उदयपुर और अजमेर भारी बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

मध्य प्रदेश में वज्रपात की संभावना

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण मध्य प्रदेश के शहडोल, जबलपुर, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में वज्रपात की संभावना है। आने वाले 24 घंटों में खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, सागर, झाबुआ, उज्जैन, रीवा, सतना और छतरपुर जिलों में भी बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा कुछ शहरों में तेज हवाओं के साथ आंधी की भी संभावना बनी हुई है।

गोवा के तटीय क्षेत्रों में दिखेगा असर

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि महाराष्ट्र के नजदीक होने के कारण गोवा में भी तूफान का असर दिखाई दे सकता है। उन्होंने बताया, गोवा के बीजों पर पहले से ही समुद्री लहरें ऊंची हो गई हैं। ऐसे में पर्यटकों को समुद्र तट पर जाने से रोक दिया गया है।

दिल्ली के आसपास हो सकती है बारिश

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवात बिपजॉय का दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में ज्यादा असर दिखाने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, दिल्ली से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

काफी नुकसान कर सकता है चक्रवात

मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय काफी नुकसान पहुंचा सकता है। इस दौरान 30 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं, हवाओं की गति 140 से 150 किलोमीटर के आसपास होगी, जिसकी रफ्तार बढ़कर 170 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। इससे बिजली के खंभों, रेलवे,ओवरहेड बिजली लाइनें, सिग्नलिंग सिस्टम बाधित हो सकते हैं। इतना ही नहीं राज्य में फसलों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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