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पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती का CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने किया स्वागत, कीमतें न बढ़ाने की अपील

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई बड़ी कटौती का व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन Brijesh Goyal ने कहा कि इस फैसले से व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।

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है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन Brijesh Goyal

पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई बड़ी कटौती का व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इस फैसले से देशभर के व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।

पेट्रोल पर 13 से 3 रुपये, डीजल पर शून्य एक्साइज

केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी है। वहीं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इस फैसले को महंगाई पर नियंत्रण के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

तेल कंपनियों से कीमतें न बढ़ाने की अपील

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि अब तेल कंपनियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे पेट्रोल और डीजल के दाम न बढ़ाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कंपनियां इस फैसले के बाद कीमतों में बढ़ोतरी से बचेंगी ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, महंगाई की आशंका

बृजेश गोयल ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इससे दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़तीं तो माल भाड़ा बढ़ता और इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ता। ऐसे में सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में कटौती का फैसला समय पर लिया गया कदम है।

बाजार के हिसाब से कीमतें घटाने की भी मांग

CTI ने यह भी कहा कि अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आती हैं, तो तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करनी चाहिए। इससे सरकार द्वारा दी गई राहत का पूरा फायदा आम जनता तक पहुंच सकेगा।व्यापारिक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी और उद्योगों पर दबाव घटेगा। खासतौर पर छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए यह राहत काफी अहम मानी जा रही है।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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